मंडी। सरकाघाट की जेएमएफसी कोर्ट नंबर-1 ने घरेलू हिंसा से जुड़े मामले में पति को पत्नी को हर माह 3,000 रुपये अंतरिम गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने यह राशि आवेदन दायर करने की तिथि से देने के निर्देश दिए हैं। महिला ने अदालत में आवेदन दायर कर 25,000 रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण, आवासीय राहत और मुआवजे की मांग की थी। उसने कहा कि उसके पास आय का कोई स्वतंत्र साधन नहीं है। पति रोजमर्रा की जरूरतों के लिए खर्च भी नहीं दे रहा है। महिला ने पति की मासिक आय 90,000 रुपये होने का दावा किया।
वहीं, पति ने आरोपों को नकारते हुए आवेदन खारिज करने की मांग की। अदालत में पेश संपत्ति और देनदारियों के शपथपत्र में उसने अपनी मासिक आय 10,000 रुपये बताई। साथ ही पत्नी की आय भी 10,000 रुपये प्रतिमाह बताई, जबकि पत्नी ने खुद को बेरोजगार बताया।
अदालत ने प्रथम दृष्टया घरेलू हिंसा की संभावना को देखते हुए पति को पत्नी के भरण-पोषण के लिए उत्तरदायी माना। हालांकि, यह आदेश अंतरिम राहत तक सीमित है। इससे मुख्य मामले के गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।