करसोग (मंडी)। हिमाचल में लंबित राजस्व मामलों को निपटाने के लिए प्रदेश सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए राजस्व विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा नौकरी दी जाएगी। इसमें सरकार विभाग से सेवानिवृत्त हुए पटवारी, कानूनगो और नायब तहसीलदारों की नियुक्ति करेगी। प्रदेश सरकार ने इन सभी वर्ग के कर्मचारियों को मानदेय निर्धारित किया है। प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने कड़ा विरोध किया है। महासंघ के प्रेस सचिव मोती राम चौहान ने कहा कि राजस्व विभाग में रिटायर्ड लोगों को रिइंप्लायमेंट देने का निर्णय व्यावहारिक ही नहीं लग रहा है। हालांकि सरकार इस बारे में नियम और शर्तें भी निर्धारित की है। इन नियमों और शर्तों पर चर्चा करने के उपरांत सरकार के समक्ष मामला उठाया जाएगा। वहीं, प्रदेशाध्यक्ष सतीश चौधरी ने भी सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति को सही नहीं बताया है।
प्रदेश सरकार ने पटवारी को 25 हजार रुपये, कानूनगो को 30 हजार रुपये और नायब तहसीलदार को 35 हजार रुपये मानदेय देकर सेवाएं ली जाएंगी। राजस्व विभाग में रिटायर्ड कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए सरकार ने नियम और शर्तें तय की है। इसी आधार पर राजस्व विभाग जरूरत हिसाब से पटवार सर्किल, कानूनगो सर्कल और सब तहसील और तहसीलों में रिटायर्ड कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। ये सभी नियुक्तियां सरकार द्वारा अस्थायी तौर पर की जाएगी। नियुक्त होने वाले सभी पटवारी, कानूनगो और नायब तहसीलदार ऐसे पटवार सर्किल में नियुक्त किए जाएंगे, जहां राजस्व मामले अधिक लंबित होंगे।