मंडी। कोरोना के बढ़ते मामले के बीच मंदिरों के कपाट खोलना खतरे से खाली नहीं है। सर्व देवता सेवा समिति ने कोविड-19 की ताजा स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया है। सेवा समिति पदाधिकारियों का कहना है कि इस समय देवी-देवताओं के कपाट खोलना उचित नहीं होगा। शुक्रवार को सर्व देवता सेवा समिति जिला मंडी ने बड़े देवताओं के कारदारों से चर्चा की। इस मौके पर समस्त कारदारों ने अपनी राय दी कि स्थिति को देखते हुए मंदिरों के कपाट तब तक न खोले जाएं जब तक कोरोना नियंत्रण में न आ जाए। कारदारों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे मंदिरों में आने की बजाय अपने घर पर ही देवी-देवताओं से प्रार्थना करें।
देव कमरूनाग, देव चुंजवाला शिव (शालागाड़), पराशर ऋषि, शुकदेव ऋषि, देव शैट्टी नाग (शेट्टाधार), देवी बगलामुखी के पुजारी एवं कारदार मोहन लाल, बीसी सरोच, गोविंद ठाकुर, रेवती राम, युद्धवीर शर्मा, दिनेश शर्मा, हेमराज, भीम देव, लेखराज, राजूराम, छिंजूराम, तुलुराम, हुकम चंद, खेमाराम, बुद्धेराम, भीष्म ठाकुर, तीर्थराज, अमर सिंह, शेषराम और सूरतराम का कहना है कि बहुत ज्यादा संख्या में बाहर से पर्यटक पहुंच रहे हैं। इन्हें संभालने में मंदिरों की समितियों को दिक्कत आ रही है।
इससे देवताओं की हरियानों के लोगों को भी इस बीमारी का खतरा बना हुआ है। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से बाहरी लोगों के आने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाए जाने की मांग उठाई है ताकि गांव में संक्रमण न फैले।
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