जोगिंद्रनगर (मंडी)। सांस और हृदय रोगियों के लिए सर्दी हावी होने लग पड़ी है। शीतलहर की चपेट में आने से जोगिंद्रनगर, लडभड़ोल और चौंतड़ा के अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में कुछ दिनों से सांस के मरीजों की 25 से 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। पहाड़ों में बर्फबारी के बाद शीतलहर से अस्थमा के मरीजों के लिए दिक्कतें बढ़ी हैं। अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अभिनव के मुताबिक सुबह शाम कोहरे और शीतलहर भी सांस के मरीजों को दिक्कतें पैदा कर रही है।
उन्होंने हृदय और सांस के रोगियों को सुबह शाम सैर से परहेज करने के अलावा आवश्यक एहतियात बरतने की हिदायत दी है। बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि नवजात शिशु भी ठंड की चपेट में आकर बीमार पड़ रहे हैं। तेज बुखार, खांसी और निमोनिया की बीमारी से ग्रस्त मरीजों को उपमंडलीय अस्पताल में उपचार दिलाया जा रहा है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ दिलाने का प्रयास अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक कर रहे हैं।
........
मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सक का पद खाली
उपमंडल के तीन सरकारी अस्पतालों में मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव के चलते सांस और हृदय के मरीजों का उपचार भी प्रभावित हो रहा है। अस्पतालों में हीटर की व्यवस्था भी मरीजों के तीमारदार अपने स्तर पर करने को मजबूर हैं। उधर, सीएमओ मंडी डाॅ. एनके भारद्वाज ने बताया कि सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में मरीजों के उपचार से जुड़ी हर सुविधाओं और संसाधनों में विस्तार करने के प्रयास जारी है।