मंडी। नाबालिग से दुर्व्यवहार करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए अदालत ने एक साल के कठोर कारावास और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी अगर जुर्माना नहीं भरता है तो उसे विभिन्न धाराओं के तहत एक माह से सात दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट (पोक्सो) की अदालत ने दोषी के खिलाफ भादंस की धारा 506, 504 और पोक्सो अधिनियम की धारा 12 के तहत अभियोग साबित होने पर क्रमशः छह माह, एक माह और एक साल के कठोर कारावास और पांच हजार, एक हजार और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। यह सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 6 अप्रैल 2020 को पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह 16 वर्ष की स्कूली छात्रा है। पीड़िता के अनुसार आरोपी उससे दुर्व्यवहार करता था और गाली-गलौज करता था। आरोपी ने कुछ फोटोग्राफ्स को आपत्तिजनक फोटो में बदल लिया था और पीड़िता को फोटो वायरल करने की धमकी देता था। आरोपी ने एक दिन पीड़िता को फोटो डिलीट करने के लिए मिलने को कहा। जब पीड़िता उससे मिलने गई तो आरोपी ने उसका लैंगिक उत्पीड़न किया। पीड़िता के ब्यान के आधार पर सुंदरनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने मामले की तहकीकात पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोग के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 15 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए गए थे। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले की पैरवी लोक अभियोजक नितिन शर्मा ने की। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ संदेह की छाया से दूर अभियोग साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त सजा का फैसला सुनाया है।