ज्वालामुखी(कांगड़ा)। नववर्ष के दूसरे दिन कांगड़ा के शक्तिपीठों के श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई। पहले दिन के मुकाबले दूसरे दिन मंदिरों में कम श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। ज्वालामुखी मंदिर में दूसरे दिन 4,000 के करीब, कांगड़ा बज्रेश्वरी मंदिर में 6,000 और श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में भी 6,000 श्रद्धालु नतमस्तक हुए। पहले दिन मंदिर के आसपास बाजारों में व्यापार को बूस्ट मिला है।
स्थानीय व्यापारियों और प्रशासन का मानना है कि बाहरी राज्यों की छुट्टियां समाप्त होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट आई है। इसके चलते होटल, ढाबे और अन्य व्यवसाय भी प्रभावित हुए हैं। अब मंदिर प्रशासन और स्थानीय कारोबारियों को लोहड़ी और मकर संक्रांति के पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। धार्मिक पर्वों पर एक बार फिर से श्रद्धालुओं की रौनक लौट सकती है। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि नववर्ष के लिए मंदिर को ताजे फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। पहले दिन के मुकाबले दूसरे दिन श्रद्धालुओं की संख्या कम रही।
नववर्ष पर श्रद्धालुओं के आने से मंदिरों के आसपास के बाजारों को संजीवनी मिली है। पिछले कुछ दिनों से मंदिर में श्रद्धालुओं की कमी के कारण व्यापार काफी मंदी के दौर से गुजर रहा था। नववर्ष के आगमन से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होने से व्यापार में भी वृद्धि हुई लेकिन दूसरे दिन श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम हो गई।
- अमित मेहता, प्रधान, चामुंडा मंदिर व्यापार मंडल
पहले दिन ज्वालामुखी शक्तिपीठ में नववर्ष पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।लेकिन दूसरे दिन शुक्रवार को कम श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। पहले दिन भीड़ अधिक होने के कारण प्रसाद की बिक्री में भी अच्छा उछाल आया है। नारियल, चुनरी और अन्य पूजन सामग्री की अच्छी खपत हो रही है, जिससे कारोबार में तेजी आई है जबकि दूसरे दिन काफी कम बिक्री हुई।
-अमित सूद, प्रसाद विक्रेता, ज्वालामुखी
पहले दिन दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने मनियारी की दुकानों से पूजा सामग्री, चूड़ियां, लॉकेट, कड़े और यादगार वस्तुएं खरीदी जबकि दूसरे दिन कारोबार लगभग ठप ही रहा। कारोबारियों को नववर्ष पर लगभग एक सप्ताह तक काफी अच्छा कारोबार होने की उम्मीद थी।
-नवरत्न गुप्ता, मनियारी विक्रेता, ज्वालामुखी