मिशन अपनों तक के तहत भंगरोटू वृद्धाश्रम से दोनों को भावुक विदाई
एसडीएम स्मृतिका नेगी के प्रयासों से परिवारों से मिलन का रास्ता साफ
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरचौक (मंडी)। करीब 35 साल से परिवार से बिछड़ी ओडिशा की प्रमिला अब अपने बेटे और परिवार से मिलेगी। वहीं, कर्नाटक के रामन्ना भी करीब दो-तीन साल बाद अपनों के बीच लौटेंगे। मिशन अपनों तक के तहत वीरवार को भंगरोटू स्थित वृद्धाश्रम से दोनों को भावुक माहौल में विदाई दी गई। संबंधित राज्यों की टीमें दोनों को लेने मंडी पहुंचीं।
दोनों को परिवारों से मिलाने में बल्ह की एसडीएम स्मृतिका नेगी के विशेष प्रयासों की अहम भूमिका रही। प्रशासन ने संबंधित राज्यों के प्रशासन, पुलिस और कल्याण विभागों के साथ लगातार समन्वय कर परिवारों की तलाश और पहचान की प्रक्रिया पूरी की। प्रमिला की पहचान स्थापित करने में कई सुराग मददगार बने। इनमें ओड़िया लिपि में बना टैटू भी महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ। जांच और प्रशासनिक स्तर पर किए गए प्रयासों के बाद उनके परिवार का पता लगाया गया, जिसमें उनका पुत्र भी शामिल है। कर्नाटक के रामन्ना करीब दो-तीन वर्षों से परिवार से दूर थे। परिवार का पता चलने के बाद कर्नाटक की टीम उन्हें लेने भंगरोटू पहुंची। ओडिशा की टीम भी प्रमिला को लेने पहुंची। एसडीएम स्मृतिका नेगी ने वृद्धाश्रम पहुंचकर दोनों को भावभीनी विदाई दी और सुरक्षित घर लौटने की कामना की। लंबे समय से उनकी देखभाल कर रहे वृद्धाश्रम के कर्मचारियों ने भी दोनों को स्नेहपूर्वक विदा किया।