जोगिंद्रनगर अस्पताल में किया गया है दाखिल
दूषित पानी के सेवन से लगातार बढ़ रहे मरीज
पुरूष, महिला, शिशु और सर्जिकल वार्ड भरे
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर(मंडी)। जोगिंद्रनगर में पीलिया की गंभीर बीमारी के शिकार उपचाराधीन मरीजों की संख्या अचानक तीन गुना बढ़ गई है। मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होने के साथ अब रोगी वार्डों की गैलरी में भी मरीजों के लिए बेड लगाने पड़ रहे हैं। महिला, पुरुष, शिशु और सर्जिकल वार्ड पीलिया, डायरिया, उल्टी-दस्त और पेट दर्द की बीमारी के मरीजों से भर गए हैं। ओपीडी में हर दिन 50 से अधिक मरीजों में पीलिया के लक्षण पाए जा रहे हैं। इसके अलावा वायरल के मरीजों की संख्या भी दोगुना बढ़ गई है। रोजाना 400 से अधिक मरीज अकेले नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में ही उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बीते तीन दिन में 30 से अधिक मरीज पीलिया की चपेट में आने के कारण अस्पताल में दाखिल करने पड़े हैं। अस्पताल में मरीजों को उपचार देने वाले कुछ विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि दूषित पानी के सेवन से पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस बीमारी के लक्षण की जानकारी देते हुए विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. विजेंद्र ने बताया कि सिर में दर्द, पेशाब में पीलापन, अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होना मुख्य लक्षणों में एक है। वहीं, नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के एसएमओ ने अस्पताल में बरसात के मौसम में बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए दोपहर को ही एक आपात बैठक अचानक बुला ली थी। यह बैठक करीब 12 बजे तक चली। इसके चलते मरीजों को परेशानियां झेलनी पड़ीं। हालांकि, बैठक में मरीजों के उपचार से जुड़े कुछ मामलों पर महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। एसएमओ ने बताया कि मानसून सीजन में जलजनित रोगों के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।