मंडी। प्रदेश में अब शारीरिक शिक्षक ही खेलकूद गतिविधियों में खिलाड़ियों के साथ रहेंगे। शारीरिक शिक्षकों के बजाय अन्य किसी विषय के शिक्षक खेलकूद प्रतियोगिताओं का हिस्सा नहीं बनेंगे।
उनको केवल कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाने का ही कार्य करना पड़ेगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रदेश के सभी प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशकों को इसके बारे में पत्र जारी किया गया है। प्रदेश के स्कूलों में होने वाली खंड, जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताओं में अब विषय पढ़ाने वाले शिक्षक खिलाड़ियों के साथ नहीं जाएंगे।
स्कूलों में अध्यापक अंग्रेजी, गणित से लेकर अन्य विषय को पढ़ाते हैं, वह बच्चों को पढ़ाने का ही कार्य करेंगे। उनको खेलकूद आयोजनों में जाना मनाही है। इसमें खास बात यह है कि ऐसे अध्यापक जो खेल कोटे से आए हैं, वे भी विषय अध्यापक होने पर खिलाड़ियों के साथ नहीं जा पाएंगे।
बेशक उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में नाम कमाया हो। ऐसे अध्यापकों को भी स्कूलों में अब बच्चों को केवल पढ़ाने का ही कार्य करना होगा। शिक्षा विभाग ने यह फरमान बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए जारी किया है। देखने में आया है कि प्रदेश के स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के पद रिक्त होने से अन्य विषय के अध्यापक ही खेलकूद प्रतियोगिताओं की तैयारी करवाते हैं। खेलकूद गतिविधियों में भी इन विषय पढ़ाने वाले शिक्षकों को जिम्मेवारी दी जाती है।
इससे अब विषय पढ़ाने वाले शिक्षकों को तो राहत मिलेगी लेकिन बच्चों को खेलकूद प्रतियोगिता के लिए तैयार करना तथा उनका शारीरिक व मानसिक विकास करना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि प्रदेश के अधिकतर स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के पद रिक्त है।
शारीरिक शिक्षकों के अलावा खेलकूद गतिविधियों में अन्य विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति न करने के निर्देश निदेशालय से प्राप्त हुए हैं। सभी पाठशालाओं को निदेशालय से प्राप्त इन निर्देशों के बारे में अवगत करवाया जाएगा। विषय के शिक्षक बच्चों को पढ़ाने का ही कार्य करेंगे।
-विजय गुप्ता, उप जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक मंडी