1962 एमओयू कॉल सेंटर नंबर पर मांगी जा सकती है मदद
संवाद न्यज एजेंसी
मंडी। पशु प्रेमियों के लिए राहत की खबर है कि वे गली, मोहल्ले, सड़क और कस्बोें में गंभीर रूप से जख्मी बेजुवान पशुओं की मदद के लिए हेल्पलाइन 1962 पर कॉल कर मदद मांग सकते हैं। शिकायत मिलने पर एसएफएलटीए की मोबाइल वेटरनेरी यूनिट मौके पर पहुंचकर बीमार पशु का उपचार करने के साथ दवाई देगी।
गंभीर स्थिति में स्थानीय वेटरनरी चिकित्सक स्टाफ की मदद से ऑपरेशन सुविधा भी मुहैया करवाई जाएगी। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और पशुपालन विभाग के साझा प्रयास से पशुपतिनाथ डिट्रिब्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सहयोग से इस योजना को प्रदेशभर में शुरू किया गया है। इसे 1962 पशु एंबुलेंस सेवा का नाम दिया गया है। इस कार्य के लिए पीडीपीएल कंपनी ने हिमाचल प्रदेश में एसएफएलटीए को पूर्व बुलाया जा रहा है। इस सेवा से ग्रामीण परिवेश के लोगों को काफी फायदा मिलेगा।
अभी तक मंडी जिला भर में केवल 5 एमवीयू वाहन सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं। हालांकि 24 सितंबर तक मंडी जिला भर से अभी तक 276 पशुओं को वाहन सुविधा देकर उनका उपचार किया गया है। मार्च माह से शुरू हुई इस मोबाइल वैटरिनरी यूनिट में तीन लोग शामिल हैं। इनमें एक चालक, पशु फार्मासिस्ट व एक वैटरिनरी डॉक्टर शामिल है जो शिकायत मिलने पर जगह जगह उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। गत दिन सराज घाटी के शिल्हीबागी में एमवीयू टीम में शामिल पशु चिकित्सक. डॉ तरूण, फार्मासिस्ट कुशल व चालक घनश्याम द्वारा पशु चिकित्सक अधिकारी जंजैहली डॉ. अभिमन्यु शर्मा व फार्मासिस्ट गुलाबी राज वघनश्याम, भीम सिंह की मदद से रात पौने नौ बजे तक गाय का ऑपरेशन कर मृृत बछड़े को बाहर निकाल कर गाय की जान बचाई।