विकास खंड धर्मपुर में प्रधानों के मीटिंग से नदारद रहने पर एसडीएम धर्मपुर किशोरी लाल ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को बैठक में गैरहाजिर रहने वाले 26 प्रधानों से जवाब तलब करने को कहा है।
एसडीएम का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधि अगर बैठकों से नदारद रहते हैं तो फिर सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक कैसे पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने इसी को लेकर बीडीओ धर्मपुर गुनजीत सिंह चीमा को आदेश दिए कि वह ऐसे प्रधानों को कारण बताओ नोटिस भेजकर जवाब मांगें की महत्वपूर्ण बैठकों से क्यों नदारद रहते हैं। क्यों न उनके खिलाफ पंचायतीराज की धारा 145 (1) सी के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाए।
नोटिस मिलने के बाद प्रधानों में हड़कंप मच गया है । नोटिस के जवाब से अगर एसडीएम सतुंष्ट नहीं होंगे तो वह उपायुक्त को प्रधान को उनके पद से हटाने की मांग कर सकते हैं।
इन प्रधानों को नोटिस जारी
एसडीएम कार्यालय से ऐसे 26 प्रधानों को बीडीओ के माध्यम से नोटिस भेजे गए जो बैठक से नदारद रहे थे। जिन प्रधानों को नोटिस जारी हुए है उनमें कून की प्रधान आशा देवी, दतवाड़ की रीता देवी, भदेहड़ के ताराचंद, खनौड़ के ओमचंद, गवैला की सरोज देवी, टौरखोला के भूप सिंह, डरवाड़ की लता ठाकुर, ध्वाली की सरोज देवी, घनाला की मीरा देवी, नेरी की अजंना देवी, बसंतपुर के विजय कुमार, ब्रांग की अनुपमा, बैरी के राकेश कुमार, तनेहड़ की गुलाबी देवी, सधोट की आशा देवी, चनौता की यशोधा देवी, सकलाना की सुमन कुमारी, स्योह की भीला देवी, कमलाह की बबली देवी, संधोल की कुमकुम, बिंगा के अनिल कुमार, सिधपुर की सरिता देवी शामिल हैं।
कि प्रधानों को नोटिस भेजे गए हैं और उनके जवाब आने के बाद ही पता चलेगा कि नदारद रहने का कारण क्या बताया है। अगर जानबूझ कर बैठक से नदारद रहते हैं तो उनके खिलाफ पंचायतीराज एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अगर महत्वपूर्ण बैठकों में ही चुने हुए प्रधान नदारद रहते हैं तो फिर कैसे महत्वपूर्ण सूचनाओं और सरकारी कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
किशोरी लाल, एसडीएम, धर्मपुर