जोगिंद्रनगर (मंडी)। प्रदेश के नंबर-वन अखबार ‘अमर उजाला’ की ओर से वीरवार को जोगिंद्रनगर शहर में आपकी आवाज कार्यक्रम के जरिये लोगों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से अधिकारियों के समक्ष उठाया। कार्यक्रम में जोगिंद्रनगर शहर के अलावा आसपास की पंचायतों के लोगों ने भी अपनी समस्याओं को रखा।
शहर के ऊहल होटल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम जोगिंद्रनगर राहुल चौहान के अलावा लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाईवे, विद्युत बोर्ड, आईपीएच, नगर पंचायत के अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना। कार्यक्रम में जोगिंद्रनगर शहर के अलावा निचला गरोडू, बालकरूपी, लांगणा पंचायत के लोगों ने भी अपनी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष उठाया। लोगों ने सड़क, सफाई, लावारिस पशुओं, बंदरों के आतंक, सिंचाई, पेयजल, पार्किंग सुविधा, स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित कई मुद्दे उठाए। लोगों ने कहा कि शहर के कई मकानों में डाउन पाइप न होने के कारण बारिश के दौरान छतों का पानी सड़कों पर गिरता है। वर्ष 2009 के बाद शहर के बाजार की सड़कों की टारिंग नहीं हुई है। गत दिनों हुई बारिश से सड़क पर सारा मलबा पड़ा हुआ है।
जिससे साफ नहीं किया गया। सड़क तंग होने के साथ पार्किंग सुविधा न होने से हर समय जाम की समस्या बनी रहती है। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में चिकित्सकों और स्टाफ की कमी से मरीजों को रेफर किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस परिसर में नशेड़ी युवाओं का जमावड़ा लगा रहता है। पुलिस और प्रशासन को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
क्या कहते हैं अधिकारी
एसडीएम राहुल चौहान ने कहा कि शहर में पार्किंग का काम चला हुुआ है। स्कूल के पास अंडर ग्राउंड पार्किंग बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। लावारिस कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। लावारिस मवेशियों के लिए गौसदन का प्रावधान किया जा रहा है। जल्द ही लाडा के तहत बैठक होने वाली है। जिसमें शहर के विकास के लिए बजट का प्रावधान किया जाएगा। जिन घरों में डाउन पाइप नहीं होगी। उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। ट्रैफिक लाइट की समय अवधि कम की जाएगी। ट्रैफिक लाइट का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अनिल संगराय, वीरेंद्र गुलेरिया, एसएमओ डा. जितेंद्र, विद्युत बोर्ड के एसडीओ एसके शर्मा, नगर पंचायत उपाध्यक्ष संतोष कुमार, पार्षद ओपी बख्शी, निर्मला देवी, रमेश भाटिया आदि मौजूद रहे।