मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में चर्म रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। मरीज मेडिकल कॉलेज नेरचौक सहित जिले के निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं। अस्पताल में करीब तीन साल से त्वचा रोग विशेषज्ञ के पद रिक्त चल रहे हैं। मेडिकल कॉलेज नेरचौक खुलने से पहले क्षेत्रीय अस्पताल में चर्म रोग के दो नियमित विशेषज्ञ और एक महिला चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर तैनाती थीं।
तीन दिन मंडी और तीन दिन मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रही थीं। मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद नियमित रूप से सेवारत दोनाें चिकित्सकों का तबादला हो गया और महिला विशेषज्ञ भी मेडिकल कॉलेज में सेवारत हो गईं। इसके बाद अब तक क्षेत्रीय अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चल रहा है। मंडी जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले चर्म रोग से पीड़ितों को उपचार सुविधा लेने के लिए मेडिकल कॉलेज जाना पड़ रहा है।
रामनगर निवासी राजेंद्र कुमार, मस्त राम, कैहनवाल के नरेश, रूंझ निवासी पदमा देवी आदि ने कहा कि विभिन्न तरह के इंफेक्शन होने पर वे अस्पताल पहुंचे हैं, लेकिन विशेषज्ञ न होने पर उन्हें 15 किलोमीटर दूर नेरचौक मेडिकल कॉलेज या निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। पहले क्षेत्रीय अस्पताल में तीन-चार विशेषज्ञ मौजूद थे लेकिन आज एक भी नहीं। सरकार को चाहिए कि क्षेत्रीय अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ सहित अन्य रिक्त पदों को भरा जाए।
चर्म रोग विशेषज्ञ का पद लंबे अरसे से रिक्त चल रहा है, इस बारे में विभागीय उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। रोजाना अस्पताल पहुंच रहे चर्म रोग से पीड़ित रागियों को एमबीबीएस और मेडिसिन चिकित्सक उपचार दे रहे हैं।
-डाॅ. धर्म सिंह वर्मा, एमएस क्षेत्रीय अस्पताल मंडी
पांच डॉक्टरों का तबादला बढ़ाएगा मरीजों का मर्ज
क्षेत्रीय अस्पताल मंडी से एक साथ पांच डॉक्टरों का तबादला मरीजों का मर्ज बढ़ाएगा। इनकी जगह दूसरे डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को आने वाले दिनों में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसी के साथ अस्पताल प्रबंधन को भी ड्यूटी रोस्टर चलाने में मुश्किलें पेश आ सकती हैं।
टौणीदेवी अस्पताल में फल वितरण करते भाजपा नेता। भाजपा।
टौणीदेवी अस्पताल में फल वितरण करते भाजपा नेता। भाजपा।