मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में जहां हर साल सैकड़ों देवी-देवता शिरकत करते हैं, वहीं कुछ देवी देवता ऐसे हैं जो कि राजाओं के समय में तो शिरकत करते थे, मगर उसके बाद यह इस महोत्सव में शिरकत नहीं कर रहे हैं। रियासत काल से नौ देवी देवता इस महोत्सव में शिरकत नहीं कर रहे हैं, जबकि हर साल पहले के भांति ही इन्हें मान सम्मान पूर्वक मंडी प्रशासन की ओर से निमंत्रण दिया जाता है और आज तक दिया जा रहा हैं, बावजूद इसके आज तक यह इस महोत्सव से दूरी बनाए हुए हैं। इन देवी-देवताओं के यहां पर नहीं आने के कारण सर्व देवता एवं सेवा समिति की ओर से यह बताया जाता है कि एक तो ये देवी-देवता लंबी दूरी की आवाजाही के चलते नहीं आते, दूसरा मेला लंबा होने के कारण इन्हें इतना समय नहीं होता और कुछ देवी देवताओं का विवाद होने के कारण भी यह शिरकत नहीं करते हैं। हालांकि सर्व देवता एवं सेवा समिति की माने तो यह कहते हैं कि अगर यह देवी देवता आना चाहें तो इनका स्वागत है और इनको पूरा मान सम्मान दिया जाएगा। समिति के अध्यक्ष ने बताया कि रियासत काल से यह देवी देवता शिरकत नहीं कर रहे हैं। इसका कारण कुछ विवाद, समय की कमी और लंबी दूरी है। ये नौ देवी देवता नहीं करते शिरकत
श्री देवी खबलासी नारायण औट, श्री देव बरनाग ज्वालापुर, श्री देव खांदला का नारायण, श्री देव किग्स नारायण, श्री देव चंडोही गणपति ज्वालापुर, श्री देवी वैणी का गहरी, श्री देवी हिडिंबा बड़ी द्रंग, श्री देवी हिडिंबा छोटी द्रंग, श्री देवी चकनवाल द्रंग शामिल हैं।
इस बार मेले में शिरकत कर रहे 190 पंजीकृत देवी देवता
वहीं, अगर इस बार महोत्सव में शिरकत करने वाले पंजीकृत देवी देवताओं की बात की जाए तो 190 देवी देवता मेले की शोभा बढ़ा रहे हैं और भक्तों के दु:खों का निवारण कर रहे हैं। वहीं बिना पंजीकृत भी कई देवी देवताओं का आगमन इस शिवरात्रि में हुआ है।