नेरचौक (मंडी)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से नगर परिषद नेरचौक से नालियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगे जाने के बाद नगर परिषद हरकत में आ गई है। एनजीटी ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि नगर क्षेत्र की कितनी नालियों में लोग सीवरेज या वेस्ट वाटर डाल रहे हैं। ऐसे मामलों में नगर परिषद की ओर से क्या कार्रवाई की जा रही है। एनजीटी के निर्देशों के बाद नगर परिषद ने नालियों की स्थिति का आकलन शुरू कर दिया है। नालियों से जुड़ा पूरा डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। एसडीएम कार्यालय के बाहर नालियों में गंदा पानी डालते हुए दो लोगों को पकड़ा गया, जिनके दो-दो हजार रुपये के चालान काटे गए हैं।
इस संबंध में नगर परिषद नेरचौक के सेनेटरी सुपरवाइजर गोपाल शर्मा ने बताया कि जिन लोगों के पास गंदे पानी के निस्तारण के लिए सेफ पिट नहीं हैं और जो नालियों में वेस्ट वाटर या सीवरेज का पानी डाल रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि अपने घरों का गंदा पानी केवल सेफ पिट में ही डालें। नालियों का दुरुपयोग न करें, क्योंकि यह कानूनी रूप से गलत है और ऐसे मामलों में कार्रवाई तय है। संवाद