कंपनी ने दिया नौकरी का भरोसा, मगर नेपाल की आपदा ने कर दिया बेरोजगार
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। नेपाल में त्रिशूली नदी की भीषण आपदा से सुरक्षित लौटे सुंदरनगर के मलोह निवासी ज्ञान अब रोजगार की नई जंग लड़ रहे हैं। जिस हाइड्रो प्रोजेक्ट में काम कर वह परिवार का खर्च और घर का कर्ज चुका रहे थे, आपदा के बाद वहां काम बंद हो गया है। कंपनी ने हालात सामान्य होने पर नौकरी बहाल करने का भरोसा दिया है लेकिन इसमें आठ से दस महीने लग सकते हैं।
50 वर्षीय ज्ञान ने बताया कि आपदा के दौरान हालात इतने भयावह थे कि बचने की उम्मीद कम होती जा रही थी। संकट के समय फेसबुक के जरिये वह अपनी लोकेशन साझा कर पाए, जिससे उनके बारे में जानकारी बाहर पहुंची और बचाव में मदद मिली।
कंपनी ने उनकी नेपाल से सुरक्षित वापसी करवाई और 10 हजार रुपये की सहायता देकर सीमा तक पहुंचाया। वहां से वह हवाई जहाज से दिल्ली पहुंचे और फिर घर लौटे। अब घर लौटने की खुशी के साथ रोजगार की चिंता है। ज्ञान के पास हाइड्रो सेक्टर में इलेक्ट्रिफिकेशन का करीब 30 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से हिमाचल में ही किसी हाइड्रो प्रोजेक्ट में रोजगार दिलाने की गुहार लगाई है।
परिवार में पत्नी कलावती और माता हैं, जबकि बेटा एसजेवीएनएल में कार्यरत है। तीन दशक के अनुभव को देखते हुए कंपनी ने नौकरी बहाल करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल ज्ञान प्रोजेक्ट का काम दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
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घबराहट में परिजन प्रशासन को नहीं दे पाए सूचना
ज्ञान सिंह के सुरक्षित घर पहुंचने पर परिवार ने राहत की सांस ली। उनकी पत्नी कलावती ने बताया कि हादसे के बाद पति से संपर्क नहीं होने पर वह बेहद चिंतित थीं। दूसरे दिन पति का फोन आने पर राहत मिली। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के आशीर्वाद से ही ज्ञान सिंह सकुशल घर लौटे हैं। घबराहट के कारण वह हादसे की सूचना प्रशासन और सरकार को भी नहीं दे सकीं।