नीट का पेपर लीक होने पर भड़के अभ्यर्थी, बोले- उम्मीदों पर फिरा पानी
सरकारी तंत्र की खामियों का खामियाजा भुगत रहे हैं नीट के अभ्यर्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। देश की प्रतिष्ठित परीक्षा नीट का फिर पेपर लीक होने पर अभिभावकों से अधिक आक्रोश प्रतिभागियों में देखा जा रहा है। परीक्षा के बाद अच्छे अंकों की उम्मीद लगाए बैठे अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। परीक्षा रद्द होने से अभ्यर्थियों में गहरा रोष है। प्रतिभागियों का कहना है कि यदि इस तरह बार-बार पेपर लीक होते रहे तो ऐसी परीक्षाओं का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता। परीक्षा रद्द होने की सूचना से प्रतिभागी और उनके अभिभावक दोनों ही चिंता में पड़ गए हैं।
बॉक्स
एनटीए अपनी व्यवस्था सुधारे
नीट आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को अपनी व्यवस्था सुधारनी होगी, क्योंकि जिस तरह बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं, उससे छात्रों की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है। इस बार मुझे उम्मीद थी कि मैं नीट परीक्षा पास कर लूंगा, लेकिन अब फिर से संघर्ष शुरू करना पड़ेगा। -वंश, नीट अभ्यर्थी, सुंदरनगर
बॉक्स
सिस्टम का खामियाजा हम क्यों भुगतें
पिछले तीन वर्षों से मैं इस परीक्षा की दिन-रात तैयारी कर रही थी। कोचिंग पर भी काफी पैसा खर्च हुआ, लेकिन सिस्टम की गड़बड़ियों का खामियाजा हमें क्यों भुगतना पड़ रहा है। इस बार मेरे चयन की पूरी उम्मीद थी, लेकिन अब फिर से शून्य से शुरुआत करनी पड़ेगी। -तान्या वर्मा, नीट अभ्यर्थी, सुंदरनगर
बॉक्स
नीट 2026 का रद्द होना दुर्भाग्यपूर्ण
नीट 2026 का रद्द होना दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा में 21-22 लाख छात्र शामिल होते हैं। यदि ऐसी परीक्षाओं में भी धांधली होती है, तो यह सीधे तौर पर एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। यह पहली बार नहीं है, पहले भी पेपर लीक और रद्द करने की घटनाएं हो चुकी हैं। अपनी गलतियों से न सीख पाना दुखद है और इससे छात्रों में चिंता का माहौल बन रहा है। -मेघराज, केंद्र प्रमुख, विद्यापीठ, सुंदरनगर