शहरी आजीविका केंद्र के के तहत होगी भर्ती, मंगलवार से शुरू होगी प्रक्रिया
नगर निगम के वार्डों में खाली बीटों पर होगी तैनाती
केपी पांजला
मंडी। नगर निगम वार्डों में शहरी आजीविका केंद्र (सीएलसी) के तहत कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाएगा। इसके लिए मंगलवार से तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगा। वार्डों में बनी बीटों में जहां सफाई कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो पाई है, ऐसे में पार्षद वहां पर कर्मचारी तैनात करने की मांग रख सकते हैं।
एरिया के हिसाब से उनकी जिम्मेदारी तय कर सफाई कर्मचारी सीएलसी के तहत रखे जाएंगे। बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए इनकी तैनाती की जाएगी। कई वार्डों में सफाई कर्मचारियों की संख्या कम होने से व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। निगम की हाउस बैठक में पार्षद भी कई बार वार्डों में सीएलसी के तहत कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का मुद्दा उठा चुके हैं।
ऐसे में आगामी बरसात से पहले नगर निगम इन कर्मचारियों की तैनाती करेगा। वर्तमान में 15 वार्डों वाले नगर निगम परिधि क्षेत्र में सफाई और अन्य कार्यों का जिम्मा सीएलसी के तहत रखे 140 और अनुबंध के तौर रखे 80 कर्मचारियों के पास है। ऐसे में जिन वार्डों में कर्मचारियों की संख्या कम है। वहां उनकी तैनाती कर एरिया बांट दिया जाएगा। बता दें कि आगामी बरसात से निपटने को लेकर नगर निगम तैयारियों में जुट गया है। शहर में बंद नालियों की सफाई करवाई जा रही है। इसके अलावा पार्कों में उगी घास को भी हटाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री गारंटी योजना के तहत है 126 दिन के रोजगार का प्रावधान
पंचायतों की तर्ज पर निगम के वार्डों में भी मुख्यमंत्री गारंटी योजना के तहत 126 दिनों के रोजगार का प्रावधान है। आचार संहिता के चलते उक्त पोर्टल 2 महीनों से बंद था। ऐसे में अब आचार संहिता हट चुकी है तो जल्द मुख्यमंत्री गारंटी योजना का पोर्टल भी खुल सकता है। ग्रामीण पंजीकरण कर मनरेगा की तर्ज पर 126 दिन का रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
कोट्स
वार्डों में सीएलसी के तहत कर्मचारियों की तैनाती की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू कर दी जाएगी। जिन वार्डों में बीटें खाली हैं, पार्षद भरने के लिए उनकी मांग सकता है। एरिया के हिसाब से कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। नगर निगम शहर में सफाई व्यवस्था और आगामी बरसात से निपटने के लिए गंभीर है। इसके लिए सभी जरूरी कार्य करवाए जा रहे हैं।
- वीरेंद्र भट्ट, महापौर, नगर निगम मंडी