संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। महंगाई से जूझ रहे मंडी के लोगों को नगर निगम ने चुनावी साल में बड़ी राहत दी है। यहां संपत्ति कर का नया ड्राफ्ट लागू नहीं होगा। टैक्स स्लैब पहले जैसा ही रहेगा।
नगर निगम की वीरवार को होने जा रही बैठक में इस पर अंतिम मोहर लगेगी। यह बैठक बुधवार को होनी थी, मगर किन्हीं कारणों से नहीं हो पाई। अब बैठक पांच मई को होगी। नए प्रारूप में फोरलेन और राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ सटे क्षेत्र के अलावा मुख्य लोकेशन चौहटा, सेरी मंच, उपायुक्त कार्यालय के आसपास के क्षेत्र को ए श्रेणी में शामिल किया जा रहा है।
इस दायरे में आने वाली संपति का गृहकर अन्य श्रेणी के मुकाबले अधिक रखने का प्रस्ताव था। जबकि नए शामिल क्षेत्रों को पहले ही तीन साल के लिए टैक्स से दूर रखा गया है। मंडी में करीब दस हजार गृहकर दाता हैं।
यह है टैक्स दायरा
नगर निगम ने ए श्रेणी के दायरे में आने वाली प्रापर्टी का 160 रुपये वर्ग मीटर की दर से टैक्स का निर्धारण किया है। बी श्रेणी की प्रापर्टी का मूल्यांकन 130 रुपये प्रति वर्गमीटर, सी श्रेणी में 90 रुपये प्रति वर्ग मीटर जबकि डी श्रेणी में 60 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रापर्टी टैक्स है। व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल होने वाली प्रापर्टी की दर त्नघरेलू इस्तेमाल में होने वाली प्रापर्टी से अधिक होगी। अन्य फैक्टर को ध्यान में रखते हुए टैक्स का निर्धारण तय वर्ग मीटर के हिसाब से कुछ कम होता है।
नहीं होगा बदलाव, पहले जैसा रहेगा गृहकर: राणा
मंडी नगर निगम के आयुक्त एचएस राणा ने कहा कि नगर निगम पहले की तरह ही संपत्ति कर करेगा। नए संपत्ति कर के लिए तैयार ड्राफ्ट पर लोगों की आपत्तियों को देखते हुए यह निर्णय लिया है। नगर परिषद संपत्ति कर में कोई बदलाव नहीं कर रही है। वीरवार को नगर निगम की बैठक में इस पर मोहर लगेगी।