चौहार घाटी के राजबन में रेस्क्यू कर ले जाया जा रहा मोहन सिंह। जिसका नेरचौक मेडिकल कॉलेज में उपच
पधर (मंडी)। चौहार घाटी के राजबन में बादल फटने की घटना में गांव के ही 67 वर्षीय मोहन सिंह पुत्र दौलतू राम हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस हादसे में मोहन सिंह का घायल की सूची में नाम दर्ज करना प्रशासन भूल गया है।
प्रशासन ने 11 लोगों की सूची तैयार की है। उपचार के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन के घटना स्थल पहुंचने से पहले ही मोहन सिंह को रेस्क्यू कर लिया था। उसका उपचार नेरचौक मेकिकल कॉलेज में चल रहा है। उसकी हालत खतरे से बाहर है।
मोहन सिंह ने बताया कि बुधवार रात को जैसे ही हादसा पेश आया वह उठकर बाहर आ गया था। उसने राम सिंह को चिल्लाते हुए सुना। रामू मलबे में फंसा हुआ था। उसे बाहर निकाला। परिवार के अन्य सदस्यों को निकालने गया तो वह स्वयं मलबे में फंस गया। इस बीच उसने पूरी रात उसने मलबे के बीच काटी।
सुबह गांव के लोगों ने उसे घायल अवस्था में मलबे से निकाल कर अस्पताल तक पहुंचाया। मोहन सिंह नेरचौक मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। उधर, राम सिंह का टांडा मेकिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
चौहार घाटी के राजबन में रेस्क्यू कर ले जाया जा रहा मोहन सिंह। जिसका नेरचौक मेडिकल कॉलेज में उपच