धर्मशाला। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने रिपेयर के लिए भेजे गए मोबाइल फोन को वापस न देने पर OPPO मोबाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को नौ प्रतिशत ब्याज सहित उपभोक्ता के 24,999 रुपये देने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा मुआवजा और न्यायालय शुल्क के तौर पर भी 20 हजार रुपये देने को कहा है।
जानकारी के अनुसार आयोग के समक्ष विशाल धीमान निवासी गजरेली तहसील फतेहपुर जिला कांगड़ा ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्होंने ऑनलाइन अमेजन सेलर सर्विस से चार अक्तूबर, 2021 को वन प्लस नोड सीई 5जी मोबाइल ऑर्डर किया था। इसके लिए उन्होंने अपने कार्ड से 24,999 रुपये का ऑनलाइन भुगतान भी किया।
इसके बाद उन्हें मोबाइल भी प्राप्त हो गया, लेकिन इसमें कुछ खामी सामने आई और इसकी मरम्मत के लिए उन्होंने फोन को 28 मार्च, 2022 को रिटर्न में डाल दिया। इसके बाद यह मोबाइल फोन मरम्मत के लिए दो अप्रैल, 2022 को सर्विस सेंटर में पहुंचा और पांच अप्रैल, 2022 को यह वापस डिलीवरी के लिए भेजा गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्हें यह मोबाइल वापस नहीं मिला, जिसके लिए उन्होंने अमेजन सेंटर से कई बार संपर्क किया।
आयोग के समक्ष शिकायत पहुंचने के बाद सभी तथ्यों को जांचने पर पाया गया कि इसमें OPPO मोबाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की सेवाओं में कमी पाई गई। इसके बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने शिकायतकर्ता के पक्ष में यह फैसला सुनाते हुए कंपनी को नौ प्रतिशत ब्याज सहित उपभोक्ता के 24,999 रुपये देने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा मुआवजा व न्यायालय शुल्क के तौर पर भी 10-10 हजार रुपये देने को कहा है।