मंडी। कमांद हादसे में बेटे की माैत होने पर पंजाब के फिरोजपुर निवासी एएसआई सुरेंद्र कुमार का परिवार गमगीन है। एक तरफ छोटे बेटे की शादी सात जून को है, घर में तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरे बेटे की मंडी के कमांद में रविवार को हादसे में माैत होने से घर में चीत्कार मची है।
सुरेंद्र सिंह कहते हैं कि सागर (29) दस साल से पत्नी और दो बेटों के साथ अमृतसर में रह रहा है। मंडी जाने से पहले उससे बात हुई और शादी की तैयारियों के लिए घर बुलाया। उसने कहा कि पत्नी को घर भेज देता हूं, मैं मंडी में काम निपटाकर सीधा घर आ जाऊंगा। होनी को कुछ और ही मंजूर था।
हादसे ने पांच घरों के चिराग बुझाए हैं। दो जून की रोटी कमाने के लिए निकले सभी मजदूर आईआईटी कमांद में सामान पहुंचाने के चंद कदम पहले ही हादसे का शिकार हो गए। करीब पौने नौ बजे हादसा स्थल से 200 मीटर दूर बैठी महिला विमला ने बताया कि टक्कर इतनी जोर की थी कि करीब आधा किलोमीटर तक आवाज सुनाई दी।
पिकअप के टकराने के बाद पुल की रेलिंग से धूल उड़ रही थी। लोग चिल्लाए। देखा तो चार मजदूर खड्ड में गिरे थे। ड्यूटी के लिए जा रहे लोग भी दाैड़कर पहुंचे। उन्हें उठाया लेकिन मौत हो चुकी थी। एक मजदूर गाड़ी के नीचे आ गया था जिसे लोगों ने मुश्किल से निकाला लेकिन उसने भी दम तोड़ दिया था।
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हादसे ने उठाए सवाल
सड़क पर नहीं था कोई सूचना बोर्ड
कटिंडी से नीचे उतराई में कहीं भी सूचना बोर्ड नहीं दिखा जिसमें लिखा हो कि सावधानी से गुजरें। अगर उक्त जगह कहीं सूचना बोर्ड होता तो शायद चालक अलर्ट हो जाता और हादसा भी नहीं होता। हादसे ने पुलिस की यातायात व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। सभी मजदूर पिकअप के ऊपर बैठकर सुंदरनगर से कमांद तक पहुंचे। कहीं पर भी उनका चालान नहीं हुआ। अगर रास्ते में पिकअप के ऊपर बैठे मजदूरों को उतार दिया जाता तो शायद जान बच जाती।
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पगड़ी ने बचा ली चालक की जान, अंतिम समय तक पकड़ा रखा स्टेयरिंग
पिकअप को चालक गुरजीत चला रहा था। उसने पगड़ी पहन रखी थी। इस कारण गाड़ी के रेलिंग से टकराने के बाद उसे ज्यादा चोटें नहीं आईं। चालक ने गाड़ी का स्टेयरिंग पकड़े रखा था। जोनल अस्पताल में भर्ती गुरजीत ने बताया कि ब्रेक फेल होने से हादसा हुआ।
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