थुनाग (मंडी)। जंजैहली-छतरी मार्ग में मंशाई मोड़ पर हुए हादसे ने ब्रेयोगी ग्राम पंचायत के तीन परिवारों को गहरे दुख में डूबो दिया। हादसे में देवदत्त, मंगल चंद और यशपाल उर्फ आशु की जान चली गई। परिजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया। घायल गुमान सिंह और लुदर मणी नेरचौक मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन हैं और अब खतरे से बाहर हैं।
सोमवार सुबह 5:30 बजे बाइक सवार तारा चंद को सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने रेस्क्यू शुरू किया। मंगल चंद की पत्नी रमा देवी आंगनबाड़ी सहायिका हैं वह बीमार अपनी बेटियों सुमन प्रिया और अंकिता के साथ बेसहारा रह गई हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी मंगल पर थी।
यशपाल की पत्नी मनोरमा और उनके बेटे सूरज (तीसरी कक्षा) और पियूष (छठी कक्षा) अपने प्रियजन के अचानक चले जाने से टूट चुके हैं। बच्चे पिता की यादों के सहारे जीने को मजबूर हैं। अविवाहित देवदत्त अपनी बुजुर्ग मां मैना देवी, विधवा भाभी और उनके बच्चों विजय (आईटीआई छात्र) और संध्या (बीए प्रथम वर्ष) का एकमात्र कमाने वाला था।
उसके भाई की पहले मृत्यु हो चुकी थी। अब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सेब सीजन के लिए करसोग के चौंरीधार गए ये लोग अपने घर नहीं लौट सके। छतरी और ब्रेयोगी में शोक का माहौल है। गम में डूबे परिजनों की आंखें अपनों को तलाश रही हैं। ग्रामीण प्रशासन से सड़क सुधार और प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल सहायता की मांग कर रहे हैं, ताकि इन परिवारों को संबल मिल सके।
..............
घायल चालक गुमान सिंह ने दिखाया अदम्य साहस
जंजैहली-छतरी मार्ग में मंशाई मोड़ पर हुए भीषण हादसे में कार के चालक गुमान सिंह ने अदम्य साहस दिखाया। 250 मीटर गहरी खाई में कार गिरने के बाद गुमान और लुदरमणी गंभीर रूप से घायल होकर छिटक गए। रातभर बारिश में पेड़ के नीचे रहे। गुमान ने घायल लुदर को सुरक्षित पेड़ तक पहुंचाया। गंभीर चोटों के बावजूद सुबह 5:30 बजे तक वह सड़क तक पहुंचा। जंजैहली जा रहे बाइक सवार तारा चंद को सूचना दी, जिसके बाद ग्रामीणों ने रेस्क्यू शुरू किया।
000