मंडी। मंडी रियासत के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और धार्मिक विरासत को अब युवा पीढ़ी घर बैठे समझ सकेगी। मंडी के गठन, पूर्व काल से लेकर 20वीं शताब्दी तथा उसके बाद 2025 तक आयोजित महाशिवरात्रि महोत्सवों के दुर्लभ चित्र भी युवा देख सकेंगे। इसके अलावा क्षेत्र के भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक पहलुओं की भी जानकारी हासिल कर अपने ज्ञान का वर्धन कर सकेंगे।
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव पर आधारित कॉफी टेबल बुक, मंडी स्टेट गजेटियर (पंजाब गजेट) तथा देवगाथा पुस्तक अब आम लोगों के लिए उपलब्ध है। महाशिवरात्रि मेला समिति की ओर से प्रकाशित कॉफी टेबल बुक अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के इतिहास और आयोजनों का एक महत्वपूर्ण दृश्य दस्तावेज है। इसमें दुर्लभ फोटोग्राफ के संकलन सहित शोभायात्राओं, खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक गतिविधियों और जनभागीदारी को दर्शाया गया है।
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव को देवी-देवताओं के महाकुंभ के रूप में दर्शाने वाली देवगाथा पुस्तक में मंडी जनपद के लगभग 216 देवी-देवताओं का इतिहास, देव परंपराएं, आस्था से जुड़े तथ्य तथा देवताओं के रथों की विस्तृत जानकारी है। मंडी स्टेट गजेटियर 1920 मूल रूप से एक प्रामाणिक संदर्भ ग्रंथ है। यह गजेटियर ब्रिटिश काल में पंजाब स्टेट गजेटियर्स, मंडी स्टेट के नाम से प्रकाशित हुआ था। इसका पहला संस्करण 1904-1908,जबकि 1920 में इसका संशोधित अथवा विस्तारित संस्करण आया। इसमें मंडी क्षेत्र का भूगोल, इतिहास, सामाजिक संरचना, आर्थिक गतिविधियां तथा उस काल से जुड़े छायाचित्र संकलित है।
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अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव पर आधारित कॉफी टेबल बुक 1650 रुपये, मंडी स्टेट गजेटियर (पंजाब गज़ेट) 500 रुपये तथा देवगाथा पुस्तक 400 रुपये में उपलब्ध करवाई जा रही है।
-अपूर्व देवगन, उपायुक्त मंडी
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