सरकाघाट में हुए सिया हत्याकांड की जांच आठवें दिन भी कई सवालों के बीच आगे बढ़ रही है। पुलिस ने अब तक की जांच में किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका से इनकार किया है और एक ही आरोपी को जिम्मेदार मानते हुए केस को उसी दिशा में आगे बढ़ाया है। हालांकि, पूछताछ के दौरान आरोपी के बदलते बयान इस मामले को जटिल बना रहे हैं। शुरुआत में आरोपी ने सनक में हत्या की बात कही, इसके बाद किसी लड़की की शिकायत का शक सामने आया, जबकि बाद में मां से पैसे न मिलने पर हुए विवाद के बाद गुस्से में वारदात को अंजाम देने की बात सामने आई।
पुलिस फिलहाल इसी आखिरी थ्योरी को आधार मानते हुए सबूत जुटाने में लगी है। जांच के मुताबिक घटना वाले दिन आरोपी की अपनी मां से पैसों को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद वह घर से निकला और अलग-अलग स्थानों से होते हुए नैण गांव की ओर पहुंचा। रास्ते में बैंजी गांव के पास उसने सिया को अकेला देखा और उस पर दराट से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से भागते हुए मंदिर और नाले के रास्ते नघला नाला तक पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार विभिन्न स्थानों से जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की मूवमेंट अकेले ही पाई गई है, जिससे जांच में फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आई है। हालांकि, जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी रास्ते में एक अन्य व्यक्ति से मिला था, लेकिन उसने उस पर हमला नहीं किया। पुलिस इसे परिस्थितिजन्य निर्णय मानते हुए छात्रा को सॉफ्ट टारगेट मानकर हमला किए जाने की बात कह रही है। इधर, मृतका और आरोपी दोनों के परिजन शुरू से ही इस घटना में साजिश की आशंका जता रहे हैं। ऐसे में जांच की दिशा को लेकर सवाल बने हुए हैं, जिनका जवाब आगे की फॉरेंसिक रिपोर्ट और विस्तृत जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा।
इस मामले में आरोपी के गुस्से में आकर ही हत्या करने के तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने शिद्दत के साथ कार्य किया है। पुलिस जांच जारी है। बारीकी से इस पूरे मामले में नजर रखी जा रही है। - विनोद कुमार, एसपी मंडी
स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस तरह के लोगों पर नजर रखनी चाहिए। कम्युनिटी पुलिसिंग भी की जानी चाहिए। खाकी वर्दी की मौजूदगी समाज में असामाजिक तत्वों को डर पैदा कर सकती है। अब घटना घट चुकी है। ऐसे में अब कानूनन नियमानुसार कार्रवाई होगी। - आरएम शर्मा, सेवानिवृत्त डीआईजी