एनएचएआई ने आवंटित किए टेंडर, जोगिंद्रनगर के गलू से छांणग तक सड़क को चौड़ा करने का काम शुरू घट्टा से मंडी तक करीब 55 किलोमीटर सड़क पर टारिंग की जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी) । सामरिक दृष्टि से अहम मंडी-पठानकोट हाईवे मानसून सीजन से पहले चकाचक कर दिया जाएगा। इसके लिए एनएचएआई ने करोड़ों रुपये के टेंडर आवंटित कर मरम्मत कार्य शुरू किया है। इसके तहत घट्टा से मंडी तक करीब 55 किलोमीटर सड़क पर टारिंग की जाएगी।
सड़क किनारे वर्म (किनारों पर छोड़ी गई खाली जगह) को भी भरा जा रहा है, वहीं यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ब्लैक स्पॉटों में स्टील बिम और कंकरीट के पैरापिट भी लगाए जाएंगे। रविवार को एनएचएआई के साइट इंजीनियर साहिल जोशी ने बताया कि कोटरोपी, गुम्मा और मैगल में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़क को सुधारने को लेकर अलग-अलग चरणों में मरम्मत कार्य आवंटित किए गए हैं। टारिंग के लिए 17 करोड़ रुपये की राशि खर्च हो रही है, जबकि सड़क किनारे क्षतिग्रस्त वर्म की मरम्मत और सुरक्षा पैरापिटों, स्टील बिम के लिए भी लाखों की राशि खर्च होगी। गलू से छाणंग दो किलोमीटर सड़क की चौड़ाई का कार्य भी प्रगति पर है। कुछ जगह पर सड़क को चौड़ा भी किया गया है। वहीं, बंद पड़ी नालियों को खोलने के अलावा नए सिरे से कलवर्ट भी पानी की निकासी के लिए बनाए गए हैं। बताया कि मंडी- पठानकोट हाईवे पर भूस्खलन को रोकने के लिए प्लांटेशन भी एनएचएआई विभाग करेगा। इसके लिए प्रदेश वन विभाग से पत्राचार कर योजना का प्रारूप सौंपा जा रहा है। मंडी जिला के भूस्खलन से संभावित क्षेत्र मैगल, कोटरोपी और गुम्मा में इसी मानसून सीजन में पहाड़ियों पर पौधरोपण शुरू होगा। इसकी तमाम तैयारियां एनएचएआई विभाग की ओर से पूरी की जा रही हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक विकास सूरजेबाला ने बताया कि पठानकोट से मंडी तक करीब डेढ़ सौ किलोमीटर सड़क को सुधारने के अलावा फोरलेन का कार्य भी प्रगति पर चल रहा है। बताया कि गगल से घट्टा और चौंतड़ा तक यात्री सुरक्षा के लिए स्टील बिम लगाए जा रहे हैं। वहीं, ब्लैक स्पॉटों को भी सुधाकर सड़क दुर्घटना में होने वाले नुकसान को रोकने के लिए एनएचएआई विभाग ने लाखों, करोड़ों का बजट स्वीकृत किया है।