जोगिंद्रनगर (मंडी)। प्रदेश सरकार और राजस्व विभाग की अनदेखी से खफा संयुक्त पटवारी-कानूनगो महासंघ ने सोमवार को सामूहिक अवकाश पर रहने का निर्णय लिया है। संयुक्त पटवारी-कानूनगो महासंघ सरकार के समक्ष अपनी मांगें रख रहा है लेकिन अनदेखी पर यह कदम उठाया है।
महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष हेमराज शर्मा ने बताया कि सरकार के समक्ष कई मर्तबा कानूनगो से नायब तहसीलदार का पदोन्नति कोटा 60 से 80 प्रतिशत करने की मांग रखी लेकिन इने अनदेखा किया गया। पटवारी कानूनगो को तकनीकी कर्मचारी घोषित करने, कोरोना काल में बनाई गई स्थानांतरण नीति में संशोधन करने, पटवारी से कानूनगो पदोन्नति के लिए सेवाकाल कम करने सहित अनेक मांगें लंबित पड़ी हैं जिसका सरकार समाधान नहीं निकाल रही है।
संयुक्त पटवारी कानूनगो महासंघ एवं नायब तहसीलदार, तहसीलदार संघ ने मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री सहित राजस्व सचिव से महासंघ की बैठक बुलाने का आग्रह किया लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में रोष है। कहा कि अवकाश के दौरान प्रदेशभर की तहसीलों और उपमंडलों में बैठकें होंगी। इसमें संघर्ष की आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।
अवकाश पर चल रहे नायब एवं तहसीलदारों के कारण राजस्व कार्य भी नहीं हो पाए। तहसीलदार लडभड़ोल मेघना गोस्वामी एवं जोगिंद्रनगर के तहसीलदार डॉ. मुकुल अनिल शर्मा ने बताया कि मांगों को लेकर प्रदेशभर के तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने सामूहिक अवकाश ले रखा है। संवाद