सरकाघाट (मंडी)। उपमंडल की बाग पंचायत का सग्यार गांव बरसात में पूरे जिले से कट जाता है। गांव के एक तरफ भद्रोती खड्ड बहती है तो दूसरी तरफ जंगल ही जंगल हैं।
भद्रोती खड्ड पर पुल नहीं है। गांव के लोग खड्ड को पार कर ही इधर-उधर जाते हैं। बरसात में खड्ड को पार करना मुश्किल होता है। ऐसी स्थिति में पूरा गांव कट जाता है। आपातकालीन स्थिति में लोगों की जान पर बन आती है। प्रभावितों का कहना है कि अगर खड्ड पर पुल बन जाता है तो गांव के लिए काले पानी की सजा खत्म हो जाएगी।
आसपास की चार पंचायतों चौक ब्राडता, रिस्सा, भद्रवाड़ तथा बाग के हजारों लोगों को भी लाभ मिलता। गांव में समारोह था तो लोग खड्ड पार कर पहुंचे। खड्ड का जलस्तर भी बढ़ा हुआ था। लोगों ने ऐसे जैसे खड्ड पार की।
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ग्रामीणों में सरकार के प्रति भारी रोष
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे खड्ड के पार ले जाना मुश्किल हो जाता है। गांव में पहले भी एक गर्भवती महिला को पालकी के सहारे खड्ड पार कर पहुंचाया था। ग्रामीणों लेखराज ठाकुर, अजय कुमार, अनिल ठाकुर, सतपाल ठाकुर, कश्मीर सिंह, अनीश, अशोक, पंकज आदि ने स्थानीय विधायक, पंचायती राज मंत्री, सरकाघाट प्रशासन तथा पंचायत प्रधान आदि से आग्रह किया है कि समस्या का समाधान किया जाए।
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बरसात के बाद शुरू होगा पुल का काम
सग्यार गांव के साथ लगती खड्ड पर पुल बनाने के लिए लगभग 20,00,000 की राशि का मनरेगा के तहत प्रावधान किया गया है। सभी तरह के कागजात तैयार कर दिए हैं। जैसे ही बरसात खत्म होगी तुरंत सबसे पहले पुल तैयार किया जाएगा। हैं।
-अशोक कुमार, प्रधान बाग पंचायत