मंडी के सेरी मंच में भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच एवं फोरलेन संयुक्त संघर्ष समिति के कार्यकर्ता म?
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मंडी। फोरलेन प्रभावितों ने सोमवार को विभिन्न किसान एवं मजदूर संगठनों के साथ मंडी के सेरी मंच पर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने भूमि अधिग्रहण का चार गुना मुआवजा नहीं देने पर रोष जताया। इस दौरान नारेबाजी भी की। उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच के प्रदेशाध्यक्ष बेली राम कौंडल की अगुवाई में आयोजित धरने-प्रदर्शन में भूमि अधिग्रहण कानून -2013 (पुनर्स्थापना, पुनर्वास एवं चार गुना मुआवजा) को हिमाचल में लागू करवाने की मांग उठाई। बेली राम ने कहा कि केंद्र सरकार फोरलेन प्रभावितों को उचित मुआवजा, पुनर्वास सहित अन्य सुविधाएं देने के लिए तैयार है लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों और मजदूरों के हित में न होकर आनाकानी कर रही है।
हर बार प्रभावितों को कोरे आश्वासन और सब्जबाग दिखाए जा रहे हैं। 2018 में मंत्री स्तर पर गठित सबकमेटी भी इस बारे में कोई सार्थक पहल नहीं कर पाई है। प्रभावित मंच ने सरकार से आग्रह किया है कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 लागू किया जाए। केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को चार गुना मुआवजा देने की हामी भर चुके हैं, लेकिन जयराम सरकार आनाकानी कर रही है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष जोगिंद्र वालिया ने सरकार से मांग की है कि मौजूदा बाजार भाव तय करने में विसंगतियों को दूर कर मार्केट रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाए।
जमीन के सर्किल रेट, जमीन और मकान के अवार्ड, मुआवजे का भुगतान शीघ्र करवाया जाए। कहा कि नगवाईं में टोल प्लाजा स्थानीय लोगों के लिए मुक्त किया जाए। प्रभावितों ने सरकार से मांग की है कि किसानों की मांगों का तुरंत निपटारा किया जाए अन्यथा विस चुनाव में सरकार को चलता करने पर मजबूर होंगे। इस अवसर पर फोरलेन प्रभावित मंच के विजय ठाकुर, छबील चंद, रामजी दास, कमल शर्मा, दीपक आजाद, बालचंद, राज कुमार, हरी सिंह, दीवान चंद सहित जिले के 10 मजदूर संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। संवाद