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मंडी में कर्मचारी महासंघ का क्रमिक अनशन शुरू

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मंडी में क्रमिक अनशन पर बैठे नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष और सदस्य। - फोटो : Mandi
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मंडी। पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली की मांग को लेकर नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने मंडी के सेरी चाणनी में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। इससे पहले स्कूलों और कार्यालयों में गेट मीटिंग का आयोजन किया। इसका मकसद क्रमिक अनशन का समर्थन तथा एनपीएस का विरोध करना था।
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प्रदेश सरकार को चेताया कि कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना जल्द बहाल नहीं होती है तो इसका खामियाजा आगामी विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है। एनपीएस महासंघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की इस मुहिम को और तेज किया जाएगा।
यदि कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल होती है तो सरकार को साल में सिर्फ 500 करोड़ खर्च करने पड़ेंगे, जबकि एनपीएस की वजह से सरकार कर्मचारियों के पैसों को निजी हाथों में दे रही है और इसका कुल खर्चा 12,000 करोड़ के आसपास प्रतिवर्ष बन रहा है। इससे जाहिर होता है कि सरकार कर्मचारियों के पैसों का दुरुपयोग कर रही है।
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इस वजह से प्रदेश का हर कर्मचारी एनपीएस स्कीम का विरोध कर रहा है। एनपीएस की वजह से कर्मचारियों का बुढ़ापा भी सुरक्षित नहीं है। अपने बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए कर्मचारी एकजुट हुए हैं। सरकार को जल्द पेंशन बहाली का निर्णय लेना चाहिए और प्रदेश के पैसे का दुरुपयोग रोक पर कर्मचारियों की पेंशन बहाल कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द पेंशन बहाल नहीं होती है तो जिला स्तर पर या विधानसभा स्तर पर भी क्रमिक अनशन शुरू किया जा सकता है। यदि 15 सितंबर से पहले पेंशन बहाल नहीं की जाती तो फिर कर्मचारी प्रदेशभर में वोट फोर ओपीएस का अभियान शुरू कर देंगे। संवाद
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