जमीनों का उचित मूल्यांकन न करने के विरोध में प्रदर्शन करते प्रस्तावित पठानकोट-मंडी फोरलेन के प्?
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मंडी/पधर। नारला से मंडी तक के फोरलेन प्रभावित किसानों ने बुधवार को फोरलेन समन्वय समिति के बैनर तले मंडी बाजार में रोष रैली निकालकर धरना-प्रदर्शन किया। विक्टोरिया पुल से डीसी कार्यालय तक रोष रैली निकाली गई।
प्रभावित किसानों ने फोरलेन की जद में आ रही जमीनों की कीमत का उचित मूल्यांकन न किए जाने पर जमकर नारेबाजी की। फोरलेन समन्वय समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में डीसी मंडी को ज्ञापन भी सौंपा गया। समन्वय समिति अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि उपमंडल प्रशासन ने फोरलेन की जद में आने वाले सैकड़ों किसानों की जमीनों की कीमत का जो मूल्यांकन किया है, वह तर्कसंगत नहीं है।
जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ समन्वय समिति का एक प्रतिनिधिमंडल मिलेगा और अपनी मांगें एक बार पुन: मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएंगी। बावजूद इसके सरकार प्रभावित किसानों के हक में फैसला नहीं लेती है तो आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। प्रभावित किसान सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों का घेराव भी करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस बारे में समन्वय समिति पहले भी मुख्यमंत्री के साथ-साथ जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह को समस्या से अवगत करवा चुकी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर मामला उठाया है लेकिन कोई संज्ञान अभी तक नहीं लिया गया है।
उन्होंने चेताया कि किसान अपनी जमीनों को कौड़ियों के भाव नहीं बिकने देंगे। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार चार गुना मुआवजा सर्किल रेट की बजाय मार्केट रेट पर उपलब्ध नहीं करवाती। सरकार और प्रशासन ने जो दाम तय किए हैं उसका चार गुना मुआवजा भी अगर सरकार देती है तो उससे भी प्रभावितों का पुनर्वास और पुनर्स्थापन नहीं हो पाएगा।
इस दौरान फोरलेन समन्वय समिति पदाधिकारी जोगिंद्र सिंह गुलेरिया, हेम सिंह ठाकुर, यशोद्धा, नंद बजीर और रूप सिंह सहित अन्य गण्यमान्य मौजूद रहे। संवाद