सराज घाटी के बड़ा देव विष्णु मतलोड़ा कार्तिक पूज के दौरान देव रथ कारदारों और श्रद्धालुओं के साथ म
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गोहर/थुनाग (मंडी)। सराज घाटी के बड़ादेव सर्वेश्वर विष्णु मतलोड़ा का हूम (कार्तिक पूज) शुक्रवार को देवता के मूल मंदिर देव कांढा में श्रद्धा और हर्षोल्लास से मनाया गया। मूल मंदिर में आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा।
बड़ादेव विष्णु मतलोड़ा का रथ सात हार की चोहठ कोठी से लाव लश्कर के साथ करीब तीन घंटे की चढ़ाई चढ़कर मूल मंदिर देव कांढा पहुंचा तो माहौल भक्तिमय हो गया। ढोल-नगाड़ों, करनाल, रणसिंघो और काहुलियों की ध्वनि से देवता की कार्तिक पूज को चार चांद लग गए। देवता के वार्षिक हूम में बच्चों के मुंडन संस्कार किए गए।
सराजघाटी की करीब 15 पंचायतों के हजारों लोग देवता की कार्तिक पूज के गवाह बने। देवता के पुजारी पुष्प राज ठाकुर ने बताया कि देवता की कार्तिक पूज शांतिपूर्वक संपन्न हुई है। बताया कि सौहार्दपूर्ण वातावरण में लोगों ने देवता के हूम में देवता के दरबार में शीश नवाया। एसडीएम थुनाग पारस अग्रवाल ने बताया कि देवता की कार्तिक पूज में कानून-व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया है।
उन्होंने बताया कि देवता के कार्तिक हूम में बच्चों के मुंडन संस्कार किए गए और हजारों लोगों ने देवता का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर देव मतलोड़ा ने हार द्वार की रक्षा का आशीर्वाद दिया और कोरोना महामारी से सुरक्षा प्रदान करने का एलान किया। संवाद