सुनीता देवी ने इस घटना के पीछे किसी साजिश की आशंका जताते हुए प्रशासन और लोगों से इसकी गहन जांच करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे पर हत्या के आरोप की जानकारी मिलने के बाद वे खुद स्तब्ध हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति कंवर सिंह गध्याणी गांव में अपने पिता की विरासत वाले घर में रहते हैं। उनके कोई भाई नहीं हैं। पति दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें विकास 32 वर्ष का है और अविवाहित है। वह 12वीं के बाद फिटर ट्रेड में आईटीआई कर चुका है। पहले लुधियाना में काम करता था, लेकिन पिछले दो वर्षों से घर पर ही रह रहा था।
मां के अनुसार, विकास किसी प्रकार का गंभीर नशा नहीं करता था, केवल भांग का सेवन करता था। वह किसी से झगड़ा नहीं करता था और न ही देर रात घर से बाहर रहता था। वह घर से प्रतिदिन केवल 20 रुपये लेता था और भांग के पत्ते घर लाता था। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों से विकास चुप-चुप रहने लगा था और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था। वह किसी लड़की को परेशान नहीं करता था और परिवार के कहने पर भी शादी से इंकार करता रहा। उनका छोटा बेटा लुधियाना में काम करता है।
गौर हो कि इस मामले में आरोपी के नशेड़ी होने की बातें सामने आ रही थीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मां ने अपनी स्थिति स्पष्ट की और पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। फिलहाल, पुलिस जांच में अभी तक किसी साजिश के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, एक मां के रूप में सुनीता देवी ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कानून को सर्वोपरि बताया है।