नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों को अधिकारियों से पहले मिलेगा वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के नए कार्यकाल की पहली बैठक बुधवार को महापौर सुमन ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शहर के विकास और जनहित से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। तय किया गया कि स्वच्छता कर्मियों का वेतन अधिकारियों से पहले उनके खातों में जमा होगा तथा उनके पहनावे और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
15 अगस्त से 100 दिवसीय कार्ययोजना लागू होगी। इसके तहत स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पेयजल, सीवरेज, सड़क, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग और राजस्व वृद्धि पर काम किया जाएगा। नशा विरोधी अभियान के तहत 100 दिनों तक प्रतिदिन एक घंटे जनजागरूकता कार्यक्रम चलेंगे। युवाओं के लिए वार्डों में खाली स्थानों पर खेल मैदान विकसित किए जाएंगे, जबकि मर्ज एरिया व कृषि क्षेत्रों में सिंचाई के लिए कुहलों और पुलों का निर्माण होगा।
तीन स्थायी समितियों का गठन
नगर निगम अधिनियम की धारा-40 के तहत तीन वैधानिक स्थायी समितियों का गठन किया गया। जनरल फंक्शन्स तथा फाइनेंस, कॉन्ट्रेक्ट एवं प्लानिंग कमेटी की अध्यक्ष महापौर सुमन ठाकुर होंगी, जबकि सोशल जस्टिस कमेटी की अध्यक्षता उपमहापौर जितेंद्र शर्मा करेंगे।
वार्ड विकास समिति करेगी प्राथमिकताएं तय
हर वार्ड में 10 सदस्यीय वार्ड विकास समिति गठित होगी, जिसकी अध्यक्षता संबंधित पार्षद करेंगे। वर्ष में दो बार वार्ड सभा होगी और जनता की प्राथमिकताओं के आधार पर विकास कार्य तय किए जाएंगे। नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जन संवाद कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा।
विकास और विजन-2031
आपदा से क्षतिग्रस्त कार्यों की मरम्मत पर एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि शहर के सौंदर्यीकरण के लिए 25 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। निर्भय योजना के तहत सीसीटीवी कैमरे और पिंक शौचालय बनाए जाएंगे। बेरोजगार युवाओं और महिलाओं की स्किल मैपिंग कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। साथ ही दीर्घकालिक विकास के लिए विजन मंडी-2031 तैयार करने का निर्णय लिया गया। महापौर ने सभी पार्षदों से पारदर्शिता और समन्वय के साथ शहर के विकास में सहयोग का आह्वान किया।