चुनाव की घोषणा के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए सभी प्रत्याशियों पर दबाव बनाया और चुनावों के बहिष्कार का निर्णय लिया। ग्रामीणों की अपील और विरोध को देखते हुए सभी प्रत्याशियों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर वार्ड के हित में एकजुटता दिखाई। उम्मीदवारों ने कहा कि वे व्यक्तिगत जीत से अधिक जनता की भावनाओं का सम्मान करते हैं और जनता का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है। स्थिति को देखते हुए पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी भी एसडीएम कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने कहा कि वे जनता के साथ हैं और यदि ग्रामीण क्षेत्र की जनता नगर निगम में नहीं रहना चाहती, तो बैहना वार्ड को निगम से बाहर किया जाना चाहिए।इसके बाद बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे बैहना वार्ड को नगर निगम से बाहर करने के पक्ष में हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार लोगों को गुमराह कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी। एसडीएम बल्ह एवं निर्वाचन अधिकारी स्मृतिका नेगी ने बताया कि बैहना वार्ड के सभी उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए हैं। पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों और निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी।