डॉक्टरों की हड़ताल के कारण दूसरे दिन भी मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जोनल अस्पताल मंडी में दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल के बाद डॉक्टर 12 बजे के बाद ही ओपीडी में बैठे। गायनी वार्ड में रूटीन का राउंड करने के बाद डॉक्टर 12 बजे के बाद ओपीडी में बैठे। इस कारण दूरदराज से आई महिलाओं को मुश्किल झेलनी पड़ी।
इसके अलावा गायनी वार्ड में भी प्रसव के बाद जिन महिलाओं को डिस्चार्ज किया जाना था। वे भी दोपहर बाद ही शाम के समय अपने घरों को जा पाई। हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के बैनर तले मेडिपर्सन एक्ट को लागू करने की मांग को लेकर तीन फरवरी से प्रतिदिन दो घंटों की काम छोड़ो हड़ताल कर रहे हैं। इस कारण डॉक्टर सिर्फ आपातकालीन ओपीडी में सेवाएं दे रहे हैं।
वहीं, जोनल अस्पताल में भी साढे़ 11 बजे के बाद ही सैंपल जांच के लिए आए। कई मरीजों को सैंपल की रिपोर्ट मिलने के बाद पूरी जांच नहीं हो सकी। उधर, एसोसिएशन के महासचिव डा. दुष्यंत कुमार ने कहा कि तब तक आंदोलन जारी रहेगा जब तक प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग एसोसिएशन की मांगों को पूरा नहीं करता है। जोनल अस्पताल मंडी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. टीसी मंहत ने कहा कि आपातकाल वार्ड में डॉक्टर पूरा दिन सेवाएं दे रहे हैं।