सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए हमीरपुर स्थित परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। इसके स्थान पर शिमला में नई पीआईयू की स्थापना की गई है। धर्मपुर कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने पीआईयू हमीरपुर के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते आमरण अनशन पर बैठे थे। अनशन के नौवें दिन उपमुख्यमंत्री ने जांच आश्वासन देते हुए अनशन स्थगित करवाया था। अब शिमला की यह नई इकाई हमीरपुर पीआईयू के तहत चल रहे सभी कार्यों का जिम्मा संभालेगी। इसके अलावा मंत्रालय समय-समय पर जो अतिरिक्त काम सौंपेगा, उसकी जिम्मेदारी भी शिमला पीआईयू पर होगी।
आदेश के तहत हमीरपुर पीआईयू में तैनात अधिकारी रोमी और तनमय महाजन को शिमला स्थानांतरित कर दिया है। मंडी-जालंधर राष्ट्रीय उच्चमार्ग के असंतोषजनक एवं मानकों के विपरीत किए जा रहे कार्यों के विरोध में विधायक चंद्रशेखर ने मोर्चा खोला था। इसके अलावा अन्य कई संगठन भी निर्माण कार्य मे लापरवाही पर सवाल उठा चुके हैं। इस एनएच का निर्माण कार्य सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) के अधीन किया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण यह सड़क मार्ग लेह तक जाएगा। सरकाघाट व धर्मपुर क्षेत्र से गुजरने वाले इस राजमार्ग के कार्यों में गुणवत्ता पर स्थानीय जनता की ओर से समय-समय पर आवाज उठाई जाती रही है। उधर, कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने बताया कि वह जनहित के लिए हर स्तर पर आवाज उठाते रहेंगे। जनता की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।