मंडी। विश्व हृदय दिवस का जिला स्तरीय आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जड़ोल में प्रधानाचार्य राजेश्वरी पठानिया की अध्यक्षता में सोमवार को हुआ।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पवनेश ने बताया कि आजकल लोगों के खानपान में बदलाव, आरामदायक जीवन शैली, व्यायाम की कमी, तनाव तथा तंबाकू एवं शराब के सेवन से दिल से संबंधित बीमारियों में वृद्धि हुई है। डॉ. पवनेश ने हृदय रोगों से बचाव के टिप्स भी दिए। कहा कि संतुलित आहार लेना चाहिए। नियमित व्यायाम और योग, सकारात्मक विचार और उचित नींद जरूरी है।
इसके अतिरिक्त रेबीज दिवस के महत्व पर बताया कि रेबीज का वायरस कुत्ता, बिल्ली, गीदड़, नेवला और चमगादड़ में पाया जाता है। 95 प्रतिशत रेबीज के मामले कुत्ते के काटने से पाए जाते हैं। यदि रेबीज वायरस शरीर में प्रवेश कर जाए तो बीमारी के लक्षण 20 से 90 दिन में दिखाई देते हैं। कुछ मामलों में यह सालों बाद भी उभरते हैं। संवाद