जोगिंद्रनगर (मंडी)। नए साल के पहले दिन बुधवार को नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर की ओपीडी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को बिना जांच करवाए ही लौटना पड़ा। कई ओपीडी में ताले लगे होने से मरीज मायूस लौटे। कुछ मरीज ऐसे भी थे, जिन्हें तत्काल उपचार की आवश्यकता थी।
हड्डी और गायनी रोग के मरीजों को भी चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा। सबसे व्यस्त ओपीडी नंबर 105 और 106 में चिकित्सकों की गैरमौजूदगी गंभीर मरीजों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई। इस दौरान ओपीडी में सुरक्षाकर्मी तैनात थे, लेकिन मरीजों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए चिकित्सकों की कमी देर शाम तक खलती रही।
अस्पताल में चिकित्सकों के कई पद खाली हैं। बुधवार को विशेषज्ञ चिकित्सकों के अवकाश पर होने से व्यवस्था ध्वस्त हो गई। मरीज पर्ची लेकर इधर-उधर भटकते रहे। तीमारदार मनोज, कविता, महेश, निखिल ने बताया कि साल के पहले दिन भी उपमंडलीय अस्पताल में चिकित्सकों की कमी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। ओपीडी नंबर 106 में एक चिकित्साधिकारी ने दोपहर 12 बजे तक मरीजों को इलाज दिया, लेकिन इसके बाद इस ओपीडी में भी सन्नाटा छा गया। बाल रोग और शल्य विशेषज्ञ चिकित्सक ने कुछ राहत दी, लेकिन अन्य मरीजों को समस्या बनी रही।
उपमंडलीय अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में भी दोपहर तक ताला लटका रहा। इससे किडनी के मरीजों को इलाज के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अस्पताल में चिकित्सकों के पद अचानक खाली होने से सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कुछ विशेषज्ञ मेडिकल अवकाश पर हैं, जिस कारण मरीजों को उपचार हासिल करने के लिए दिक्कत झेलनी पड़ी। अस्पताल की सामान्य ओपीडी, बाल रोग, शल्य चिकित्सक ओपीडी के अलावा आपात सेवाओं में मरीजों को उपचार मिलता रहा।
-डॉ. रोशन लाल कौंडल, एसएमओ, नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में चिकित्सक की गैर मौजूदगी के चलते एक ओपीडी में लटका ताला। संवाद