फोरलेन निर्माण के भूमि कटाव से उपजाऊ जमीन धंसी, प्रशासन से लगाई सुरक्षा की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। नेशनल हाईवे पर माणा गांव के पास फोरलेन निर्माण के दौरान हो रहे भूमि कटाव से ग्रामीणों के रिहायशी मकान, गोशालाएं और उपजाऊ भूमि खतरे की जद में आ गई है। लगातार हो रहे भूस्खलन से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों के अनुसार जमीन धंसने से करीब पांच बीघा उपजाऊ भूमि में तीन फीट चौड़ी और 15 से 20 फीट गहरी खाई बन गई है। भूस्खलन के चलते हेम सिंह, तेज सिंह, कर्म सिंह, हुकम सिंह और दीप चंद के रिहायशी मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं सड़क के ऊपर स्थित महेंद्र पाल की उपजाऊ भूमि और गौशाला को भी नुकसान पहुंचा है।
ग्रामीण कालू राम, चेत राम, शेष राम, भादर सिंह और साधू राम के मकानों में दरारें पड़ गई हैं, जिससे उनके गिरने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हेम सिंह और महेंद्र पाल की करीब 15 बीघा भूमि लगातार धंस रही है। यदि समय रहते उचित सुरक्षा प्रबंध नहीं किए गए तो बरसात के मौसम में बड़ा नुकसान हो सकता है।
ग्रामीणों ने उपमंडलाधिकारी पधर से मौके का दौरा कर नुकसान का जायजा लेने और प्रशासन के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों ने एनएचएआई और निर्माण कंपनी से भी प्रभावी सुरक्षा उपाय करने की अपील की है।
हेम सिंह, महेंद्र पाल, चेत राम, कालू राम, साधू राम, भादरू राम, कर्म सिंह, तेज सिंह, दीप चंद, हुकम सिंह, महेश, अरुण, शेष राम, विद्या देवी, दमोदर दास, गुरुवचन सिंह, दया देवी और दूनी चंद सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग उठाई है। उधर, एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि एनएचएआई और निर्माण कंपनी को आवश्यक सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।