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Mandi News: क्रस्ना लैब के कर्मचारी हड़ताल पर, नहीं हुए टेस्ट

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मंडी। नेता जी सुभाष चंद्र बोस जोनल अस्पताल मंडी में उस समय मरीजों के होश उड़ गए जब निशुल्क सुविधा देने वाले क्रस्ना लैब में टेस्ट सुविधा बंद हो गई। इसके बाद मरीजों को निजी लैब में जाकर हजारों रुपये खर्च कर टेस्ट करवाने पड़े। कई मरीज बिना टेस्ट करवाए ही लौट गए। बुधवार को अस्पताल में निशुल्क 133 टेस्ट की सुविधा देने वाली क्रस्ना लैब के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते दोपहर 12 बजे के बाद टेस्ट करवाने आए लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। हालांकि सरकारी लैब में नियमित रूप से सुबह साढ़े नौ से 12 बजे तक टेस्ट की सुविधा मिलती रही। दोपहर बाद लोग टेस्ट के लिए क्रस्ना लैब पहुंच रहे थे, लेकिन वहां काउंटर से ही लोगों को सुविधा न होने का हवाला देकर लौटाया जा रहा था। मौके पर मौजूद क्रस्ना लैब के कर्मचारियों ने बताया कि यहां रोजाना 500 से 600 की ओपीडी रहती है। इसके अलावा 200 से ज्यादा लोग रोजाना टेस्ट करवाते हैं। टेस्ट निशुल्क होने और रिपोर्ट 2 घंटे में मिलने के कारण कई लोग क्रस्ना लैब पर निर्भर रहते हैं। बता दें कि अस्पताल में लोगों को अच्छी सुविधाएं मिलें और लोगों के टेस्ट जल्दी हों, इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स लैब को जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से भुगतान न करने पर अब उक्त लैब के कर्मियों ने टेस्ट की सुविधा देने से इनकार कर दिया है। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार भारद्वाज ने बताया कि सरकार की ओर से भुगतान न करने के चलते क्रस्ना लैब के कर्मचारी एक दिन की स्ट्राइक पर हैं।
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क्या कहते हैं भुगतभोगी
बटाहर से पहुंचे मंगत राम ने बताया कि वे स्वास्थ्य जांच के टेस्ट के लिए यहां पहुंचे थे, लेकिन टेस्ट न होने की वजह से वे बिना टेस्ट करवाए ही लौट गए, क्योंकि निजी लैब में उन्हें हजारों रुपये देने पड़ते, इनते पैसे उनके पास नहीं थे।
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- गोखड़ा निवासी संजय ने बताया कि उन्हें कुछ जरूरी टेस्ट करवाने थे, लेकिन क्रस्ना लैब में सुविधा नहीं मिल पाने के कारण उन्हें अस्पताल के बाहर निजी लैब में जाना पड़ा, जहां उन्हें अधिक राशि चुकानी पड़ी।
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- कंमाद निवासी कांता देवी ने कहा कि जब इन्हें टेस्ट की सुविधा ही नहीं देनी तो फिर लैब को खोला क्यों गया। कहा कि टेस्ट के लिए वे काफी दूर से आई थीं, लेकिन यहां से निराश होकर ही लौटना पड़ा।

द्रंग से पहुंचे कृष्णा ने बताया कि वे बीमार हैं और दूरदराज क्षेत्र द्रंग से यहां पर गाड़ी में आए हैं, मगर यहां पर निशुल्क टेस्ट वाली लब बंद है और अब उन्हें बाहर महंगे दामों पर यह डॉक्टर के लिखे गए टेस्ट करवाने होंगे।
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