बैंक का दावा साबित, अदालत ने एकतरफा सुनाया फैसला राशि पर ब्याज भी देना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत लिया एक लाख रुपये का कृषि ऋण नहीं चुकाने पर महादेव निवासी नर्दू और देव राज से अब 1,33,120 रुपये की वसूली होगी। सिविल जज सुंदरनगर कोर्ट नंबर-2 ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की वसूली याचिका एकतरफा मंजूर करते हुए दोनों को संयुक्त एवं अलग-अलग रूप से बकाया राशि चुकाने के आदेश दिए हैं।एसबीआई की भोजपुर शाखा के अनुसार, दोनों ने 4 अक्तूबर 2014 को केसीसी के तहत एक लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था, जिसे बैंक ने 9 अक्तूबर को सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर मंजूर किया। 2021 में केसीसी सीमा का नवीनीकरण भी किया गया। ऋण की अदायगी न होने पर खाता 8 जून 2022 को एनपीए घोषित किया गया और नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं हुआ।
बैंक के मुताबिक 29 अप्रैल 2024 तक ब्याज समेत 1,33,120 रुपये बकाया हो गए थे। अदालत के समन के बावजूद दोनों पेश नहीं हुए और 19 नवंबर 2024 को उन्हें एकतरफा कर दिया गया। बैंक के साक्ष्यों को अप्रतिवादित पाते हुए अदालत ने वसूली की डिक्री जारी की। साथ ही 1,33,120 रुपये पर मुकदमा दायर होने की तारीख से डिक्री तक सात प्रतिशत और उसके बाद भुगतान तक पांच प्रतिशत साधारण ब्याज देने का आदेश दिया।