सीमित संसाधनों से मरीजों की जान को खतरा
अस्पताल में डायलिसिस मशीनों के विस्तार की प्रक्रिया जारी : एसएमओ
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में किडनी मरीजों को दो वर्षों बाद भी डायलिसिस स्पॉट की पर्याप्त सुविधा न मिलने से उनकी जान पर खतरा बढ़ गया है। क्षेत्र के 30 से अधिक किडनी मरीज पिछले दो साल से स्थानीय अस्पताल में डायलिसिस स्पॉट का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण उन्हें निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। 60 से 80 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद मरीजों को डायलिसिस के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
उपमंडलीय अस्पताल में वर्ष 2022 से डायलिसिस सुविधा शुरू हुई थी, जहां वर्तमान में लगभग 22 मरीज उपचाराधीन हैं। इसके बावजूद 30 से अधिक मरीज पंजीकरण के बाद भी इस सुविधा से वंचित हैं, जिससे तीमारदारों में आक्रोश है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से स्थानीय अस्पताल में डायलिसिस सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की है, ताकि मरीजों को घर के पास ही उपचार मिल सके।
डायलिसिस यूनिट एक निजी संस्था के सहयोग से संचालित हो रही है, जहां करीब 22 मरीजों को उपचार मिल रहा है। मशीनों की संख्या बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है, ताकि प्रतीक्षा कर रहे मरीजों को भी जल्द सुविधा मिल सके।
एसएमओ डॉ. विकास नाथ ने बताया कि अस्पताल में डायलिसिस मशीनों के विस्तार की प्रक्रिया जारी है। वहीं, डायलिसिस यूनिट के प्रभारी शिवम के अनुसार पिछले दो वर्षों से अस्पताल प्रशासन से अतिरिक्त स्थान की मांग की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।