कहा, अधिकारियों को डांटने के बजाय सांसद केंद्र से दिलवाएं हिमाचल का हक
सार्वजनिक रूप में माफी मांगने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। दिशा की बैठक के दौरान मंडी की सांसद कंगना रणौत की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर पूरे प्रदेश के प्रशासनिक वर्ग में भारी आक्रोश है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का काम अधिकारियों को डांटना नहीं, बल्कि जमीनी परिस्थितियों को समझना और समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल करना है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव यदोपति ठाकुर ने कहा कि मंडी में प्राकृतिक आपदा के दौरान डीसी समेत तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लगातार फील्ड में राहत एवं बचाव कार्य किया। ऐसे में उनके समर्पण और सेवाभाव को नजरअंदाज कर उनका मनोबल गिराना लोकतांत्रिक कार्य संस्कृति के विपरीत और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कर्मचारी वर्ग ने सांसद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए अपनी एक भी ठोस उपलब्धि जनता के सामने रखनी चाहिए। कर्मचारियों पर अपनी प्रशासनिक विफलताओं का ठीकरा फोड़ने के बजाय सांसद को केंद्र सरकार के समक्ष आरडीजी और हिमाचल के आर्थिक हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहिए। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए बयानबाजी करने के बजाय सांसद को जनता के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कर्मचारियों को सरकार की रीढ़ बताते हुए मांग की गई कि सांसद कंगना रणौत अपने कथित व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। ऐसा नहीं होने पर कर्मचारी संगठनों ने आने वाले समय में उनका घेराव करने की चेतावनी दी है।