कल पंडोह-औट फोरलेन, डंपिंग साइट और सुरंग निर्माण का होगा निरीक्षण
पंडोह बांध और बगलामुखी रोपवे भी कमेटी के एजेंडे में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पंडोह-औट फोरलेन निर्माण के दौरान निकल रहे मलबे की डंपिंग और इससे हिमालयी पर्यावरण पर पड़ रहे असर की हकीकत अब सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) मौके पर जाकर देखेगी। समिति सोमवार दोपहर बाद चौंतड़ा होते हुए पधर-मंडी फोरलेन सेक्शन पहुंचेगी। यहां राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्यों के साथ मलबा डंपिंग साइटों का निरीक्षण किया जाएगा। बिजनी-अरधा क्षेत्र और सुरंगों के पोर्टल भी समिति के एजेंडे में शामिल हैं। शाम को समिति मंडी जिला मुख्यालय पहुंचेगी। 8 सितंबर को समिति का निरीक्षण पंडोह से शुरू होगा। समिति सुबह पंडोह बांध पहुंचेगी। इसके बाद मनाली-किरतपुर फोरलेन परियोजना का जायजा लिया जाएगा। बगलामुखी मंदिर रोपवे का निरीक्षण भी प्रस्तावित है। दोपहर बाद समिति पंडोह-औट स्ट्रेच में राष्ट्रीय राजमार्ग और सुरंग निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान शलानाल में मलबा डंपिंग और लारजी बांध के पास बहाली स्थल का भी जायजा लिया जाएगा। दौरे के अंतिम दिन, 9 सितंबर को समिति बिलासपुर जाएगी। बरमाणा स्थित एसीसी सीमेंट फैक्टरी के खनन क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद टीम चंडीगढ़ के लिए रवाना होगी।