गोहर (मंडी)। डीसी और एसडीएम से सुरक्षा की मांग कर देव कमरुनाग को दोबारा अपने पास लाने पर अड़े पूर्व गूर देवी सिंह उर्फ देबू ने वीरवार के अल्टीमेटम से ठीक एक दिन पहले बड़ा यू-टर्न ले लिया है।
बुधवार को देवी सिंह ने स्पष्ट किया कि अब वह न तो वीरवार को देव कमरुनाग को गोत गांव पुजारी बोधराज के घर लाने जाएंगे और न ही प्रशासन से किसी तरह की सुरक्षा की मांग करेंगे।
देवी सिंह ने कहा कि यदि उनके साथ अन्याय हुआ है तो उसका फैसला देव कमरुनाग स्वयं करेंगे। गौरतलब है कि बीते दिनों सूखे से त्रस्त किसानों, बागवानों और दस गढ़ के लोगों ने तत्कालीन गूर देवी सिंह से देव कमरुनाग लेकर गोत गांव के बोधराज को पुजारी घोषित कर दिया था।
इसी बीच आठ दिन के बारिश परते से पहले कुछ लोगों ने देवी सिंह से धूप दिलवाई थी, जिसके अगले दिन बारिश व बर्फबारी हुई। इसके बाद तीन टोली की बैठक हुई, जिसमें पुजारी बोधराज ने मानी धूप देकर ढाई दिन में बारिश मांगी। इस दौरान भी क्षेत्र में बारिश-बर्फबारी दर्ज की गई। फिर दस गढ़ के लोग एकजुट हुए और पुजारी बोधराज को बड़ा देव कमरुनाग का गूर घोषित कर दिया।
इसी घटनाक्रम के बाद देवी सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर डीसी और एसडीएम गोहर से सुरक्षा की गुहार लगाई थी और एलान किया था कि उनका परता सफल रहा है और वह वीरवार को देव कमरुनाग को गोत गांव पुजारी बोधराज के घर से लाएंगे। हालांकि बुधवार को उन्होंने अपने बयान से पलटते हुए साफ कर दिया कि अब वह देवता को लाने नहीं जाएंगे।
इस बीच दस गढ़ के लोगों ने पुजारी बोधराज को देव कमरुनाग का गूर घोषित कर दिया है। मंडी महाशिवरात्रि मेले में बोधराज बतौर पुजारी देव कमरुनाग के साथ शिरकत करेंगे।
मेले से लौटने के बाद नव संवत पर विधिवत रूप से उनकी गुरापीरी की ताजपोशी होगी और वे चतरवांस में स्थित बड़े देव कमरुनाग मंदिर में देवता को कल्या लगाएंगे।
इसके साथ ही गुरापीरी को लेकर चला आ रहा पूरा प्रकरण अब पूर्ण रूप से समाप्त माना जा रहा है।