मंडी। ग्राम पंचायत सेगली के गांव कालंग को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। गांव के 14 परिवारों को अब दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी में प्रशासन जुट गया है। मंगलवार को प्रभावित परिवारों को 17 टेंट बांटे गए। बुधवार से प्रभावितों की बताई मलकियत जमीन पर टेंट लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। वीरवार तक बिजली और पानी की व्यवस्था करवाई जाएगी। प्रभावितों की ओर से तिरपाल लेने से मना करने के बाद जिला प्रशासन टेंट मुहैया करवा रहा है। वर्तमान में गांव में हुए भूस्खलन से दरारें घरों से 100 मीटर दूर तक पहुंच चुकी हैं। पूरी पहाड़ी दरक रही है। बारिश में ग्रामीणों को खतरा सता रहा है।
गांव को असुरक्षित घोषित करने की मांग पर सोमवार को नायब तहसीलदार अशोक कुमार के नेतृत्व में बिजली बोर्ड, जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया था। बाद में रिपोर्ट तैयार कर उसे उपायुक्त मंडी को सौंपा था। साथ ही ग्रामीणों की ओर से बताई मलकियत जमीन का भी विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया।
यहां बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध करवाने का भी खाका तैयार कर लिया है। ग्रामीणों को जहां बसाया जाएगा वह जगह कालंग गांव से दो किलोमीटर दूर है। प्रशासन ने पशुओं को ठहराने के लिए तिरपाल मुहैया करवाने का भी प्रभावितों को आश्वासन दिया है। कालंग गांव के लोगों ने भी सोमवार को एसडीएम और एडीसी को ज्ञापन सौंपकर गांव को असुरक्षित घोषित करने की मांग की थी। गांव में भूस्खलन से आई दरारों का मामला भी प्रमुखता से उठाया था।
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कालंग गांव को असुरक्षित घोषित कर दिया है। प्रभावित परिवारों को मानसून सत्र तक दूसरी जगह बसाया जाएगा। त्रासदी में प्रभावित लोगों की मदद के लिए जिला प्रशासन गंभीर है।
-अपूर्व देवगन, उपायुक्त मंडी
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कालंग गांव को शिफ्ट करने के लिए टेंट बांट दिए गए हैं। बुधवार से लगाने का कार्य किया जाएगा। बिजली और पानी की व्यवस्था भी की जाएगी। गांव को असुरक्षित घोषित करने की रिपोर्ट उपायुक्त मंडी को भेज दी थी।
-अशोक कुमार, नायब तहसीलदार, कटौला