मायूस होकर लौट रहे मरीज, निजी क्लीनिकों में महंगे दामों में करवानी पड़ रही आरसीटी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर की दंत ओपीडी में मरीजों को आरसीटी करवाने के लिए एक माह का इंतजार करना पड़ रहा है। दंत ओपीडी में संसाधनों के अभाव से दांतों की फिलिंग करवाने के लिए एक माह बाद की तारीख मिल रही है। ऐसे में अस्पताल में दांतों का उपचार करवाने पहुंच रहे मरीज मायूस होकर लौट रहे हैं। उन्हें मजबूरन निजी क्लीनिकों में दांतों के उपचार के लिए मनमाने दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
अस्पताल में रोजाना करीब 80 लोग दांतों के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें दातों की कुछ सामान्य बीमारियों का उपचार ही हो रहा है। आरसीटी और फिलिंग करवाने के लिए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मरीजों की बढ़ती संख्या और संसाधनों के अभाव के चलते आरसीटी और फिलिंग के लिए मरीजों को लंबी तारीख मिल रही है। दंत ओपीडी में दांतों के एक्सरे और अन्य गंभीर बीमारियों का उपचार दिया जा रहा है, लेकिन एक विशेषज्ञ चिकित्सक के सहारे दंत ओपीडी में हर रोज 80 से अधिक मरीजों को उपचार दिलाना भी चुनौती बना हुआ है हालांकि दंत मैकेनिक की नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय अस्पताल में कर रखी है, लेकिन सिंगल डेंटल चेयर के चलते मरीजों के उपचार को लेकर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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हड्डी और गायनी ओपीडी में मरीजों के छूट रहे हैं पसीने
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर की हड्डी और गायनी ओपीडी में लगातार बढ़ रही भीड़ के चलते मरीजों के पसीने भी छूट रहे हैं। सोमवार को अस्पताल की इन दोनों ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचे 150 से अधिक मरीजों को काफी समय के बाद उपचार मिलने पर परेशानी भी झेलनी पड़ी। गर्भवती महिलाओं को भी खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मरीजों को भी भीड़ के बीच कतारों में लग कर उपचार मिला।
डिजिटल एक्सरे करवाने के लिए फर्श में बैठे रहे मरीज
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में सोमवार को डिजिटल एक्स-रे करवाने के लिए पहुंचे मरीजों को फर्श में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करवाना पड़ा। यहां पर बैठने की उचित व्यवस्था न होने के चलते परेशानी झेलनी पड़ी। अस्पताल के कार्यकारी एसएमओ डॉ. विजेंद्र ने बताया कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए विभाग तत्पर है। कमियों को दूर किया जाएगा। वहीं, सीएमओ डाॅ. नरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सुविधाओं में विस्तार के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा।