जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर में पीलिया से हुई मौतों के बाद जल शक्ति विभाग की आंखें भी खुल गई हैं। अब आनन-फानन कई कार्यों एक साथ शुरू कर दिया है। विभाग ने शहरी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हो चुकी पेयजल पाइपलाइन को हटाना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही बस अड्डे पर भी पानी का कनेक्शन बदल दिया है। स्वास्थ्य विभाग इसे ही पीलिया फैलने के कारण मान रहा था।
बता दें कि जोगिंद्रनगर में पीलिया के कारण दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 202 से ज्यादा लोग पीलिया की चपेट में आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए पानी के सैंपलों में आठ सैंपल फेल हो चुके हैं, जबकि जलशक्ति विभाग की ओर से लिए गए पानी का एक भी सैंपल फेल नहीं हुआ है। ऐसे में विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे थे।
शनिवार को पीलिया से युवक की मौत होने के बाद जोगिंद्रनगर पहुंचे उपायुक्त ने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सुधार कार्य करने के निर्देश दिए थे। करीब एक माह से सामने आ रहे पीलिया मामलों के बावजूद विभाग लापरवाह बना रहा। अब पीलिया से दो मौतें होने के बाद जलशक्ति विभाग (जेएसवी) धरातल स्तर पर जुट गया है।
रविवार को छुटटी के दिन भी जेएसवी का यह कार्य शहर के लक्ष्मी बाजार में जारी रहा। इससे पहले बस अड्डे की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग में भी पानी के कनेक्शन दुरुस्त किए गए, ताकि उपभोक्ताओं को पानी की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही का सामना न करना पड़े। मुख्य बाजार के अलावा नगर परिषद के वार्डों में भी जल शक्ति विभाग की कई टीमें पेयजल आपूर्ति के कनेक्शनों को जांच रही है। इसके अलावा शहर में विभिन्न स्थानों पर सीवरेज चैंबरों में हो रहे रिसाव को भी दुरस्त किया जा रहा है।
जल शक्ति विभाग जोगिंद्रनगर के कनिष्ठ अभियंता अराध्य ने बताया कि शहरी क्षेत्र में करीब 15 हजार उपभोक्ताओं को पानी की आपूर्ति जल शक्ति विभाग की ओर से की जा रही है। पुराने कनेक्शनों को बदला जा रहा है। ऐसी पेयजल पाइपलाइन जहां पर पानी का रिसाव होने की आशंका है, उन्हें भी बदला जा रहा है।
उधर, सहायक अभियंता प्रकाश चंद ने बताया कि सीवरेज चैंबरों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है और बारिश के दौरान जिन सीवरेज चैंबरों में ओवर फ्लो हो रहा था उन्हें भी दुरुस्त कर दिया गया है। सार्वजनिक नलों में पानी की गुणवत्ता बरकरार रहे इसलिए मुख्य पाइप लाइन से भी पानी की आपूर्ति शुरू की गई है।