जोगिंद्रनगर अस्पताल में पीलिया रोग फैलने पर एक बैड पर उपचार ले रही दो युवतियां। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर में पीलिया रोग के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधूरे प्रबंधों का खामियाजा मरीजों और तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। इससे खफा मरीज और तीमारदार अब बेहतर उपचार दिलाने के नेरचौक, टांडा और पीजीआई चंडीगढ़ का रुख करने को मजबूर हो रहे हैं। बेहतर इलाज की उम्मीद में मरीज अब स्वेच्छा अस्पताल से छुट्टी से ले रहे है।
उपमंडल के लडभड़ोल में 21 वर्षीय युवक की मौत के बाद चार अन्य पीलिया पीड़ित उपचार के लिए पीजीआई पहुंच गए हैं। वहीं, जिला कांगड़ा के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा और मंडी जिले के श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में भी पीलिया के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। दोनों जिलों के निजी अस्पतालों में भी पीलिया के मरीजों को लेकर तीमारदारों संग पहुंच रहे हैं।
जोगिंद्रनगर अस्पताल में पीलिया के उपचार को लेकर फैली अव्यवस्था के कारण मरीज यहां किनारा करने लगे हैं। लडभड़ोल अस्पताल में भी चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। वहीं, सीएचसी चौंतड़ा में पीलिया के टेस्ट की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में शनिवार को जोगिंद्रनगर अस्पताल के विभिन्न रोगी वार्डों में दाखिल पीलिया के मरीजों को तीमारदारों ने स्वेच्छा से ही डिस्चार्ज करवाने की दिलचस्पी दिखाई।
उधर, जोगिंद्रनगर अस्पताल के एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने कहा कि उपमंडलीय अस्पताल में पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद उपचार, दवा यहां तक कि दाखिले के भी अतिरिक्त प्रबंध किए गए हैं।
जोगिंद्रनगर अस्पताल में पीलिया रोग फैलने पर एक बैड पर उपचार ले रही दो युवतियां। संवाद
जोगिंद्रनगर अस्पताल में पीलिया रोग फैलने पर एक बैड पर उपचार ले रही दो युवतियां। संवाद